अमरोहा में किसानों का हुंकार, कलेक्ट्रेट पर डाला डेरा
अमरोहा: किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को अमरोहा में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) समेत कई किसान संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों के जरिए कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर नाराजगी जताई। किसानों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करते हुए कहा कि इस तरह के समझौते भारतीय कृषि और छोटे किसानों के हितों को प्रभावित कर सकते हैं। किसानों ने मांग की कि खेती और किसानों से जुड़े फैसले लेते समय उनके हितों को प्राथमिकता दी जाए।

किसानों ने गंगा एक्सप्रेसवे के दूसरे चरण में भूमि अधिग्रहण को लेकर भी आवाज उठाई। उनका कहना है कि जमीन देने वाले किसानों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए। किसानों ने भूमि अधिग्रहण के लिए बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग रखी।
इसके अलावा प्रदर्शनकारी किसानों ने मुरादाबाद कॉरिडोर से जुड़े प्रस्ताव को वापस लेने, किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने और छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने की बात कही। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार को किसानों और युवाओं की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसान नेताओं से बातचीत की और उनकी मांगों को सुना।

अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाकर समाधान का प्रयास किया जाएगा। हालांकि किसान नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि सिर्फ आश्वासन से बात नहीं बनेगी। अगर जल्द ही मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
किसान नेताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन किसानों की आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए किया गया है और जरूरत पड़ने पर आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
रिपोर्ट मौ। अज़ीम ( अमरोहा ) काजल कुमारी


