शामली: उत्तर प्रदेश के शामली में आयुष मालिक (Ayush Malik) के धर्मांतरण मामले में अब नया मोड़ आ गया है। आयुष मलिक के दोस्त ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है जिसमें उसने आयुष के पिता पर उसको अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाया है। हाई कोर्ट ने प्रदेश सरकार और आयुष के पिता को आदेश जारी किया है कि वह 16 सितंबर को आयुष मलिक को कोर्ट में पेश करें।
पिता पर बेटे को हिरासत में रखने का आरोप
दरअसल 6 जून 2026 को शामली के दयानंद नगर निवासी देवराज मलिक ने शामली पुलिस को एक शिकायती पत्र दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके बेटे आयुष मालिक को चांदनी कुरैशी नाम की एक युवती में पहले तो अपने प्रेम जाल में फसाया और फिर उसका धर्मांतरण करा दिया।
पुलिस ने देवराज मलिक की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया था और मामले में कार्रवाई करते हुए आयुष मलिक को प्रेम जाल में फंसाने के मामले में आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं धर्मांतरण कराने के आरोप में चांदनी कुरैशी के एक रिश्तेदार को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
क्या है पूरा मामला
अब इसे पूरे प्रकरण में एक नया मोड़ सामने आया है जिसमें आयुष मलिक के दोस्त सुल्तान ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है जिसमें उसने आयुष के पिता देवराज पर आयुष को जबरन अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाया है। इस्लाम धर्म अपनाने के साथ ही प्रेम विवाह करने वाले आयुष मलिक को पिता द्वारा अवैध रूप से हिरासत में रखने के आरोप वाली याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रूप अपनाया है।
हाई कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश
इस पूरे मामले पर न्याय मूर्ति संदीप जैन की एकल पीठ ने आयुष मालिक और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए देवराज सिंह मलिक को नोटिस जारी किया है। राज्य सरकार और पिता को निर्देश दिया है कि वह 16 सितंबर को आयुष मलिक को कोर्ट में पेश करें। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि 31 वर्षीय आयुष मालिक ने स्वतंत्र इच्छा से बिना किसी दबाव प्रभाव या प्रलोभन इस्लाम धर्म स्वीकार किया और उसके बाद चांदनी कुरैशी से अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध विवाह कर लिया जिससे नाराज होकर पिता देवराज मलिक ने 6 जून 2026 को थाना शामली में FIR दर्ज की।
पूरे मामले पर शामली के एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट ने आयुष मलिक को 16 सितंबर को पेश करने के लिए उसके पिता देवराज मलिक को नोटिस जारी किया है। वहीं दूसरी तरफ देवराज मलिक का कहना है कि उन्हें अभी हाई कोर्ट की तरफ से कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।
रिपोर्ट: पंकज मलिक


