डिंपल यादव की गिरफ्तारी और वांगचुक प्रकरण और NEET विवाद को लेकर सपा का जोरदार प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठाई मांग
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोकतंत्र, संविधान और युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
बताते चलें कि प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी अधिवक्ता सभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश सचिव अशोक सिंह बिसेन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने पर्यावरण संरक्षण, समाजहित और आम लोगों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर युवाओं द्वारा नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान वांगचुक को जबरन हटाया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
तो वहीं उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है, लेकिन सरकार विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सरकार की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
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पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस मामले में इस्तीफा देंगे, अशोक सिंह बिसेन ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक देश का युवा अपनी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और संविधान के सम्मान के लिए लगातार आंदोलन करेगा।
साथ ही साथ अवगत कराते चले कि प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने यह भी सवाल किया कि प्रदर्शनकारियों ने पुतला दहन का प्रयास किया था, जिसे पुलिस ने रोक दिया। इस पर अशोक सिंह बिसेन ने कहा कि उनका उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना और सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाना था।
उन्होंने कहा कि प्रशासन अपना काम करता है, लेकिन समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए भविष्य में भी इसी तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते रहेंगे।प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और युवाओं से जुड़े मुद्दों, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग को प्रमुखता से उठाया। मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।


