उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े शनिवार को पहली बार लखनऊ पहुंचे और उन्होंने समाजवादी पार्टी के पीडीए फॉर्मूले पर सीधा हमला बोला। खास बात यह रही कि उनके स्वागत में कोई भव्य रोड शो या शक्ति प्रदर्शन नहीं किया गया, बल्कि पार्टी नेताओं ने साफ संदेश दिया कि अब स्वागत-सत्कार से ज्यादा जमीनी स्तर पर बूथ मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तावड़े ने अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि सपा का यह नारा असल में जनता को गुमराह करने की एक चाल भर है, जिसे उन्होंने तंज भरे अंदाज़ में “पराया धन अपना है” करार दिया। तावड़े ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आगामी चुनाव में एनडीए इस राजनीतिक कथानक को अपनी जमीनी ताकत के दम पर बेनकाब करेगा और सपा की इस रणनीति को कामयाब नहीं होने देगा।
इस दौरान तावड़े ने भाजपा और एनडीए की उपलब्धियों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के विकास ने रफ्तार पकड़ी है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में आगामी विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती से लड़ा जाएगा और पार्टी जीत हासिल करेगी।
तावड़े ने यह भी कहा कि चुनाव जीतने के बाद भाजपा और एनडीए के कार्यकर्ता अगले पांच वर्षों तक प्रदेश की जनता की सेवा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करते रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे अभी से चुनावी तैयारियों में जुट जाएं और बूथ स्तर तक पार्टी की पकड़ मजबूत करें।
गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पीडीए फॉर्मूले के दम पर सपा को बड़ी सफलता दिलाई थी, और तभी से भाजपा नेता लगातार इस नारे पर पलटवार करते आ रहे हैं। ऐसे में विनोद तावड़े का यह बयान आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल को और गरमाने वाला माना जा रहा है।


