कानपुर: यूपी के कानपुर (Kanpur) में पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने निवेश के नाम पर देशभर में करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह ने फर्जी कंपनियों और बैंक खातों के जरिए करीब 5600 करोड़ रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी को अंजाम दिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाहजेब वारिस और सलमान के रूप में हुई है। दोनों कानपुर के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 65 लाख 26 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, 3 चेकबुक, 2 ATM कार्ड, बैंक अकाउंट ओपनिंग फॉर्म, कैश जमा निकासी की रसीदें और GST/उद्यम से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं।
86 साइबर शिकायतों से खुला 5600 करोड़ का राज
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह लोगों को इन्वेस्टमेंट के नाम पर अधिकतम मुनाफे का लालच देता था। फर्जी कंपनियों में पैसा मंगवाने के बाद रकम को अलग-अलग बैंक खातों और गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए घुमाया जाता था, ताकि पुलिस तक रकम के ट्रेल को ना पकड़ पाए।
जांच में कानपुर के 14 बैंकों के 72 खातों में करीब 5600 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन का पता चला है। इन बैंक खातों को NCRP पोर्टल पर चेक करने पर देश के अलग-अलग राज्यों से करीब 86 साइबर अपराध की शिकायतें मिली हैं।
कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक इन खातों से जुड़े मामलों की शिकायतें दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तराखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और हरियाणा समेत कई राज्यों से सामने आई हैं।
पुलिस के रडार पर और 7-8 आरोपी
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा 7 से 8 अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। बरामद मोबाइल से आपराधिक कॉल रिकॉर्ड, WhatsApp चैट और दूसरे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में BNS की धारा 318(4), 308(5), 351 और IT Act की धारा 66(D) के तहत कार्रवाई की गई है।
रिपोर्ट: राहुल वाजपेयी


