केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा पार घुसपैठ पर शून्य-सहिष्णुता नीति की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार इस वर्ष ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना शुरू करेगी। 6,000 किमी सीमा पर सुरक्षा ग्रिड, ड्रोन रडार और उन्नत कैमरे लगाए जाएंगे। शाह ने अवैध प्रवासन को जनसांख्यिकीय बदलाव की साजिश बताते हुए सभी घुसपैठियों की पहचान कर निर्वासन का संकल्प दोहराया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज घोषणा की कि सरकार सीमा पार घुसपैठ के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति अपनाएगी। उन्होंने बताया कि देश की सीमाओं को सील करने और सभी अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने के लिए एक व्यापक स्मार्ट बॉर्डर परियोजना इस वर्ष शुरू की जाएगी। शाह ने कहा कि अवैध प्रवासन जनसांख्यिकीय बदलाव लाने की एक सोची-समझी साजिश है, और सरकार हर घुसपैठिए की पहचान कर उसे निर्वासित करेगी।

Emergency was imposed to protect power, not nation: Amit Shah - DD India

6,000 किलोमीटर लंबी सुरक्षा ग्रिड लागू होगी 

विज्ञान भवन में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पदग्रहण समारोह 2026 को संबोधित करते हुए शाह ने यह बात कही। गृह मंत्रालय देश की 6,000 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर एक अभेद्य सुरक्षा ग्रिड लागू करेगा। उन्होंने घोषणा की कि अगले एक वर्ष के भीतर, स्मार्ट बॉर्डर अवधारणा के तहत, बीएसएफ को ड्रोन रडार और उन्नत कैमरों सहित आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। गृह मंत्री ने बीएसएफ से आग्रह किया कि वह घुसपैठ और पशु तस्करी के मार्गों की पहचान करने और उन्हें बंद करने के लिए राज्य पुलिस, जिला कलेक्टरों और ग्राम पटवारियों के साथ सीधे समन्वय करके अपने खुफिया नेटवर्क का विस्तार करे।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा सरकारों के साथ नीतिगत तालमेल इस सुरक्षा ग्रिड को सुविधाजनक बनाएगा। गृह मंत्रालय जल्द ही इन तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक बैठक बुलाएगा। वामपंथी उग्रवाद के उन्मूलन का उदाहरण देते हुए शाह ने कहा, किसी समस्या को नियंत्रित करना सुरक्षा नहीं है; उसे जड़ से खत्म करना ही सही तरीका है।

2,70,000 कर्मियों के साथ बीएसएफ बनी दुनिया की सबसे बड़ी सीमा सुरक्षा बल

उन्होंने यह भी घोषणा की कि सीमा पर तैनात जवानों की सहायता के लिए जल्द ही एक उच्च-शक्ति जनसांख्यिकी मिशन शुरू किया जाएगा। शाह ने बीएसएफ के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि 1965 में 25 बटालियनों के साथ शुरू हुआ यह बल अब 2,70,000 कर्मियों वाला दुनिया का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल बन गया है। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री ने कर्तव्य के दौरान उत्कृष्ट योगदान और सर्वोच्च बलिदान के लिए बीएसएफ कर्मियों को सम्मानित भी किया।

 

‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना का लक्ष्य 

इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पूरी तरह से सील करना है। इसके तहत सीमा सुरक्षा बल को आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन रडार और उन्नत कैमरों से लैस किया जाएगा। यह पहल अगले एक वर्ष के भीतर पूरी की जाएगी। इसका उद्देश्य अवैध घुसपैठ को प्रभावी ढंग से रोकना और देश की जनसांख्यिकी को सुरक्षित रखना है।

 

 

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