बस्ती में लग रहे एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर किसानों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीणों ने कुक दिन पहले फैक्ट्री के मुख्य गेट पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि उनसे बीयर और डिस्टलरी प्लांट के नाम पर जमीन ली गई, लेकिन अब वहां एथनॉल फैक्ट्री लगाई जा रही है। इससे इलाके में प्रदूषण बढ़ेगा, भूजल स्तर गिरेगा और लोगों का जीवन प्रभावित होगा। इस मामले में सपा के स्थानीय रुधौली विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी और बीजेपी जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी भी किसानों के साथ विरोध में शामिल दिखे।
मामला बढ़ता देख फैक्ट्री के प्रबंधन के लोग और टेक्निकल एक्सपर्ट टीम सामने आई, और किसानों के आरोपी को पूरी तरीके से खारिज करते हुए बताया कि प्रदूषण से बचने के लिए भारत सरकार के नियमों का पालन करते हुए आधुनिक यंत्रों का उपयोग किया जा रहा है जिससे किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं हो पाएगा, जल शोधन के विषय में बताया कि बरसात के पानी को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से पुनः जमीन को वापस पानी दिया जाएगा इसके साथ ही जो पानी जमीन से निकाला जाएगा उसमे से भी लगभग आधा पानी शुद्ध करके जमीन में वापस डाल दिया जाएगा।
बताते चलें कि बस्ती के दसिया में अनीता डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड नाम से इथेनॉल की फैक्ट्री लगाई जा रही है जिसके खिलाफ किसानों का गुस्सा पिछले कई दिनों से फुट रहा है, सोशल मीडिया पर फैक्ट्री के विरोध में कैम्पेनिंग चलाई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन खरीदते समय उन्हें बताया गया था कि यहां बीयर और डिस्टलरी प्लांट लगाया जाएगा। फैक्ट्री लगने से रोजगार और क्षेत्र के विकास की उम्मीद में किसानों ने अपनी जमीनें दे दीं। लेकिन अब उन्हें पता चला कि यहां एथनॉल फैक्ट्री स्थापित की जा रही है, जिसके बाद विरोध शुरू हो गया। किसानों का कहना है कि एथनॉल फैक्ट्री से निकलने वाला प्रदूषण आसपास के गांवों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। उनका आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाली दुर्गंध लोगों का जीना मुश्किल कर देगी, जबकि अपशिष्ट पदार्थ और गंदा पानी भूजल को दूषित कर सकता है। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि फैक्ट्री के संचालन के लिए बड़ी मात्रा में भूजल का दोहन किया जाएगा। इससे इलाके का जलस्तर लगातार नीचे जाएगा और आने वाले समय में पानी का गंभीर संकट पैदा हो सकता है, ग्रामीणों के समर्थन में बीजेपी जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी और स्थानीय सपा विधायक राजेंद्र प्रसाद चौधरी भी शामिल होकर फैक्ट्री का विरोध करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों से एक तरह की फैक्ट्री का वादा किया गया था लेकिन अब दूसरी परियोजना लाई जा रही है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने साफ कहा कि यह विरोध सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ है। उन्होंने किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि ग्रामीणों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
इस पूरे मामले में जिला योजना एवं निगरानी समिति के बैठक में भी सपा के विधायक और बीजेपी के विधायक की थी की नोकझोंक दी हुई थी, भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी ने भी फैक्ट्री के विरोध में अपने ही विधायक से नोक झोक करते नजर आए थे।
मामला लगातार टोल पकड़ता देख फैक्ट्री प्रबंधन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता के आरोपी को खारिज करते हुए बताया कि प्रदूषण से बचने के लिए भारत सरकार के नियमों का पालन करते हुए आधुनिक यंत्रों का उपयोग किया जा रहा है जिससे किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं हो पाएगा, जल शोधन के विषय में बताया कि बरसात के पानी को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से पुनः जमीन को वापस पानी दिया जाएगा इसके साथ ही जो पानी जमीन से निकाला जाएगा उसमे से भी लगभग आधा पानी शुद्ध करके जमीन में वापस डाल दिया जाएगा।
रिपोर्ट- इमरान अली (लोकेशन, बस्ती) काजल कुमारी

