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ईरान और अमेरिका के बीच इन दिनों लगातार गर्मा गर्मी चल रही है जिसकी वजह कई परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है ऐसे में ये कहा जा  सकता है की जल्दी ही इन मामलों पर को निष्कर्ष निकले ,और देश- विदेश के अन्य मुद्दों पर ध्यान दिया जाए  फिलहाल ईरान को लेकर एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित रीकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम के तहत समझौते पर अंतिम मुहर लगने के बाद ईरान को बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता दी जा सकती है।

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। ट्रम्प का कहना है कि संभावित डील के तहत ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और उसके पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम का भी निपटारा किया जाएगा।

हालांकि, तेहरान ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने साफ कहा कि फिलहाल परमाणु मुद्दे पर कोई सक्रिय बातचीत नहीं चल रही है।

वहीं फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित मसौदे में परमाणु सामग्री को नष्ट करने जैसी कोई शर्त शामिल नहीं है।

पिछले 24 घंटे में सामने आए 5 बड़े घटनाक्रम:

* ट्रम्प ने कहा कि संभावित समझौते के बाद ईरान परमाणु बम नहीं बनाएगा। साथ ही अमेरिका नौसैनिक प्रतिबंधों में राहत देगा और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का टोल नहीं लगाया जाएगा।

* अमेरिका ने ओमान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की टोल व्यवस्था का समर्थन किया, तो संबंधित देशों, कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

* ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि तेहरान अब केवल अमेरिकी बयानों पर भरोसा नहीं करेगा। ईरान किसी भी रियायत से पहले अमेरिका की तरफ से ठोस कदम देखना चाहता है।

* ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 24 जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई। ईरान का दावा है कि समुद्री मार्गों पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

* दूसरी ओर इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में रहने वाले लोगों को घर खाली करने की चेतावनी दी है। इजराइली सेना का कहना है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की तैयारी की जा रही है।

ऐसे में ये अनुमान लगाया जाए की ये युद्ध अभी खत्म होने वाला नही है क्योकि अमेरिका खुद पहले कदम नही उठाना चाहता तो नही ईरान का भी यही हाल है ऐसे में इन दोनों के आपसी झगड़ों की वजह से अन्य देश और मौजूद लोगो को इस तकलीफो को अकेले सामना करना पड़ेगा ,अभीतक इन दो देशो की लड़ाई में अन्य देश भी शामिल हुए है पर लगातार खबर वही आ रही है जिसकी उम्मीद थी क्योकि शांति और अमन तभी बन सकता है जब ये दो देश आपस में बातचीत करे और  युद्ध पर पूर्ण विराम लगाए

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