नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) के सत्य निकेतन ( Satya Niketan) में रविवार को हुए इमारत हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग अभी भी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। मलबे में अभी भी तलाशी अभियान जारी है। इस बीच जमींदोज हुई इमारत के मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा मकान मालिक
मकान मालिक आरोपी हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी हादसे के बाद ही फरार चल रहा था और पुलिस की दस टीमें उसकी तलाश में लगाई गई थीं। इस मामले में पांच अधिकारियों को अब तक निलंबित किया जा चुका है । ऐसे में सवाल उठते हैं कि आखिर हादसे के बाद ही क्यों जागती है सरकार ? MCD ने पहले इमारत को लेकर कार्रवाई क्यों नहीं की थी ?
हादसे का CCTV फुटेज आया सामने
बता दें कि रविवार की सुबह दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में पेइंग गेस्ट के तौर पर जिस पांच मंजिला इमारत का इस्तेमाल किया जा रहा था वो ताश के पत्तों की तरह ढह गई थी। अब इस भयावह हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
#Delhi | सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे का CCTV सामने, 6 छात्रों की मौत।
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना का CCTV वीडियो सामने आया है। हादसे में अब तक 6 छात्रों की मौत और करीब 5 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने बिल्डिंग मालिक आदित्य बंसल के खिलाफ गैर इरादतन… pic.twitter.com/VmYTuTM4gx
— Nation27 (@Nation27Digital) September 7, 2026
वीडियो में साफ दिख रहा है कि बुजुर्ग व्यक्ति अपने स्टॉल के पास बैठे हुए हैं और उसे कुछ दरकने की आवाज आती है। इसके बाद वो फौरान वहां से भागता है। उसी दौरान पूरी इमारत जमींदोज होती है और हर तरफ धुएं का गुबार भर जाता है।
इमारत के गिरने के बाद दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड, एमसीडी और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची और छात्रों को मलबे के नीचे से निकालना शुरू किया। इस दौरान कई छात्रों के गिरे हुए छत के नीचे दबे होने की तस्वीरें भी सामने आईं। अभी तक इस हादसे में 7 छात्रों की मौत हो गई थी।
साउथ कैंपस थाने की पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक और अन्य लोगों के खिलाफ बीएनएस की कई धाराओं में मामला दर्ज किया था और उसकी तलाश कर रही थी। हालांकि अब मालिक हरिराम पुलिस की गिरफ्त में है।
सत्य निकेतन में क्यों जमींदोज हुई थी इमारत
बताया जा रहा है कि यह इमारत काफी पुरानी थी और इसे पीजी के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। साउथ कैंपस के कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले ज्यादातर छात्र इसमें रहते थे। दावा किया जा रहा है कि इस इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर और अधिक पैसा कमाने के लिए बेसमेंट बनाने का काम चल रहा था. इससे खुदाई के दौरान नींव (पीलर्स) कमजोर हुई और पूरी इमारत भरभरा कर गिर गई.
Delhi’s Satya Niketan building collapse | The alleged owner of the building, Hariram (with face mask) has been apprehended in Bhiwadi.
(Source: Delhi Police) https://t.co/kgIfWdWXYV pic.twitter.com/IapaVRAd8A
— ANI (@ANI) September 7, 2026
दिल्ली की रेखा सरकार ने हादसे के बाद लिया एक्शन ?
इस हादसे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री ने बड़ा एक्शन लिया है. सीएम ने पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया. जिन अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई हुई है उसमें एमसीडी साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, साउथ जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (इमारत) ललित कुमार, साउथ जोन के सीनियर इंजीनियर रणवीर सिंह, इंजीनियर सुनील चौहान और साउथ जोन के जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार का नाम शामिल है.
वहीं इस हादसे को लेकर एमसीडी के कमिश्नर संजीव खिरवार ने कहा कि बदकिस्मती से हमने सात जान गंवा दी हैं. हमें लगता है कि बिल्डिंग की नींव कमजोर हो गई जिससे हादसा हुआ. उन्होंने कहा 1-2 दिनों हम सोच समझकर इसको लेकर कार्रवाई करेंगे.
सत्य निकेतन में क्यों रहते है ज्यादा छात्र
दरअसल सत्य निकेतन धौला कुआं के पास का इलाका है जहां दिल्ली यूनिवर्सिटी का साउथ कैंपस है। इसके अलावा वहां दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई नामी कॉलेज भी है। चार कॉलेज और यूनिवर्सिटी कैंपस तो सिर्फ दो किलोमीटर की परिधि में हैं। इसलिए वहां पढ़ने वाले ज्यादातर छात्र सत्य निकेतन में रहना पसंद करते हैं ताकि कॉलेज तुरंत पहुंच सकें।
ऐसे में सत्य निकेतन में दर्जनों ऐसे हॉस्टल और पीजी हैं जहां की तस्वीर डरावनी है। कई इमारतें काफी पुरानी और जर्जर होने के बाद भी मुनाफे के लिए उसमें पीजी चलाई जा रही है। यहां कभी भी हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।
रिपोर्ट: कुणाल कौशल

