Saharanpur News: शहर के गोगा माहड़ी स्थल पर गोगा माहड़ी सुधार सभा द्वारा ‘मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित’ लिखे पोस्टर लगाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। पोस्टर गोगा माहड़ी परिसर स्थित गंगा सरोवर (कुंड) के आसपास लगाए गए हैं।
गोगा माहड़ी सुधार सभा के चेयरमैन अनिल प्रताप सैनी ने बताया कि उनकी संस्था ने धार्मिक स्थल की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। उनका आरोप है कि दूसरे समुदाय के कुछ लोग परिसर में बाहर से नॉनवेज भोजन लाकर खाते हैं जिससे यहां गंदगी फैलती है।
दूसरे समुदाय के लोग गोगा पीर महाराज की प्रतिमाओं के आसपास जूते-चप्पलों के साथ पहुंचते हैं। जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर सभा ने धरना-प्रदर्शन किया था। प्रशासन के साथ हुई वार्ता में उनकी पांच प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है।
इनमें सरोवर और प्रतिमाओं की बैरिकेडिंग, परिसर में बाहरी भोजन पर रोक, सरोवर पर नियमित आरती की व्यवस्था तथा गंगा सरोवर का नाम बदलकर “श्री गोरक्ष गंगा घाट” रखने की मांग भी शामिल है। इन मांगों पर सहमति बनने के बाद सभा ने धरना समाप्त कर दिया।
अनिल प्रताप सैनी ने कहा कि यदि भविष्य में प्रशासन उनकी मांगों को लागू नहीं करता है तो सभा आगे भी आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ‘मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित’ वाले पोस्टर सभा द्वारा ही लगाए गए हैं और उनका उद्देश्य धार्मिक स्थल की मर्यादा एवं पवित्रता बनाए रखना है।
रिपोर्ट- गौरव सैनी/सोनू सिंह

