राम मंदिर निर्माण और व्यवस्था से जुड़े श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन को लेकर सामने आ रही खबरों पर ट्रस्ट ने अब अपना पक्ष साफ किया है। ट्रस्ट की ओर से एक पत्र जारी कर चयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी दी गई है और हाल में सामने आई कुछ खबरों को गलत बताया गया है। ट्रस्ट ने खास तौर पर जितेंद्र मिश्र के इंटरव्यू और CEO पद की चयन प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को लेकर उठ रहे सवालों पर स्थिति स्पष्ट की है। ट्रस्ट के मुताबिक, जितेंद्र मिश्र 11 अगस्त को आयोजित चयन प्रक्रिया में शामिल हुए थे। उनका इंटरव्यू पहली पाली में हुआ था।

ट्रस्ट की ओर से जारी स्पष्टीकरण में बताया गया कि CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। कुल 5,585 आवेदन ट्रस्ट के पास पहुंचे थे। इन आवेदनों की जांच और चयन प्रक्रिया के बाद 16 उम्मीदवारों को अंतिम चरण के लिए चुना गया। ट्रस्ट ने कहा कि चयन प्रक्रिया निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाई गई थी। ऐसे में किसी एक उम्मीदवार को लेकर यह कहना कि चयन प्रक्रिया में उन्हें शामिल नहीं किया गया या इंटरव्यू को लेकर कोई अलग व्यवस्था की गई, सही नहीं है।

पिछले कुछ समय से जितेंद्र मिश्र के इंटरव्यू को लेकर अलग-अलग तरह की खबरें सामने आ रही थीं। इन खबरों के बाद ट्रस्ट की ओर से पत्र जारी कर पूरे मामले की जानकारी दी गई। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि 11 अगस्त की पहली पाली में जितेंद्र मिश्र चयन प्रक्रिया में शामिल हुए थे। यानी उनका इंटरव्यू तय प्रक्रिया के तहत हुआ था। ट्रस्ट के इस स्पष्टीकरण के बाद CEO चयन को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति कुछ हद तक साफ हुई है। राम मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि CEO जैसे महत्वपूर्ण पद के लिए चयन प्रक्रिया में बड़ी संख्या में आए आवेदनों के बीच उम्मीदवारों को अलग-अलग चरणों में परखा गया। शुरुआती आवेदनों की छंटनी के बाद अंतिम चरण के लिए 16 उम्मीदवारों को चुना गया।

ट्रस्ट ने अपने पत्र के जरिए यह भी बताने की कोशिश की है कि चयन प्रक्रिया को लेकर सामने आ रही जानकारियों को पूरी तस्वीर के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। ट्रस्ट ने उन खबरों को गलत बताया है, जिनमें चयन प्रक्रिया या जितेंद्र मिश्र के इंटरव्यू को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी। 5,585 आवेदनों में से 16 उम्मीदवारों का अंतिम चरण तक पहुंचना अपने आप में बताता है कि CEO पद के लिए चयन प्रक्रिया काफी व्यापक थी। इन उम्मीदवारों के इंटरव्यू और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं के आधार पर आगे निर्णय लिया जाना था।

राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं का विस्तार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ट्रस्ट में CEO जैसे प्रशासनिक पद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही वजह है कि इस पद की नियुक्ति और उससे जुड़ी प्रक्रिया को लेकर सामने आने वाली हर जानकारी पर लोगों की नजर बनी हुई है। ट्रस्ट की ओर से जारी पत्र का मकसद भी इसी मामले में फैले भ्रम को दूर करना बताया जा रहा है। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि जितेंद्र मिश्र चयन प्रक्रिया का हिस्सा थे और 11 अगस्त की पहली पाली में उनका इंटरव्यू हुआ था। साथ ही 5,585 आवेदनों में से 16 उम्मीदवारों के अंतिम चरण तक पहुंचने की जानकारी भी सामने रखी गई है।

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