यूपीसीएल ने अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही, जो लोग सीधे प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में इंजीनियरों और कर्मचारियों की कमी को देखते हुए प्रबंधन ने अहम निर्णय लिया है। इसके तहत यूपीसीएल ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के अन्य विभागों में प्रतिनियुक्ति पर जाने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। इस संबंध में प्रबंध निदेशक की स्वीकृति के बाद अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) द्वारा आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि उत्तराखंड में निर्बाध बिजली आपूर्ति, राजस्व वसूली, लाइन लॉस में कमी, स्मार्ट मीटरिंग, अंडरग्राउंड केबलिंग और SCADA जैसी कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के कारण निगम का कार्यक्षेत्र काफी बढ़ गया है। हालांकि, स्वीकृत पदों के मुकाबले वर्तमान में कर्मचारियों की संख्या बहुत कम है। साथ ही, वरिष्ठता से जुड़े कई मामले अदालतों में लंबित होने के कारण प्रमोशन के पद भी खाली हैं। इस कर्मचारियों की कमी के चलते बिजली आपूर्ति और उपभोक्ता सेवाओं में देरी या व्यवधान आने की संभावना बनी हुई है। निगम में रिक्त पदों को भरने के लिए शासन से अनुमति लेने की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन शासन के साथ चर्चा के दौरान यूपीसीएल को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा था। शासन का तर्क था कि एक तरफ निगम अपने कर्मचारियों को बाहरी विभागों में प्रतिनियुक्ति पर भेज रहा है और दूसरी तरफ नए पदों की मांग कर रहा है। इसी विरोधाभास और मानव शक्ति (मैनपावर) की किल्लत को देखते हुए प्रबंधन ने प्रतिनियुक्ति पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया है।
बिना अनुमति आवेदन पर गिरेगी गाज, यूपीसीएल सख्त
निगम के संज्ञान में आया है कि कई अभियंता और कर्मचारी बिना विभागीय अनुमति के ही सीधे बाहरी विभागों में प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन कर रहे हैं। साक्षात्कारों में शामिल हो रहे हैं। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए आदेश में साफ किया गया है कि कोई भी अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारी का प्रतिनियुक्ति आवेदन (विशेष परिस्थितियों को छोड़कर) आगे फॉरवर्ड नहीं करेगा। कोई भी कर्मचारी बाहरी विभागों के विज्ञापनों पर सीधे आवेदन या एडवांस कॉपी प्रेषित नहीं करेगा और न ही साक्षात्कार में जाएगा। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले कर्मियों के खिलाफ निगम आचरण नियमावली के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


