बहराइच: जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और बीज बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए कृषि विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब जिले के सभी बीज विक्रेताओं और रिटेलरों के लिए सरकार के ‘साथी पोर्टल’ पर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जो विक्रेता निर्धारित समय तक पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर बीज बिक्री का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।
खरीद-बिक्री और स्टॉक की देनी होगी पूरी जानकारी
कृषि विभाग के निर्देश के अनुसार, बीज विक्रेताओं को पोर्टल पर अपने कारोबार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी। इसमें बीज की खरीद, बिक्री और उपलब्ध स्टॉक का रिकॉर्ड शामिल है। विभाग का मानना है कि ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज होने से बीज की कालाबाजारी, अवैध बिक्री और किसानों को घटिया या नकली बीज दिए जाने जैसी शिकायतों पर प्रभावी तरीके से नजर रखी जा सकेगी।
अब दुकानदारों को यह जानकारी भी नियमित रूप से अपडेट करनी होगी कि उनके पास किस कंपनी और किस किस्म का कितना बीज उपलब्ध है। इसके अलावा किस मात्रा में बीज खरीदा गया और कितनी बिक्री हुई, इसका भी रिकॉर्ड पोर्टल पर दर्ज करना होगा।
1 अगस्त से शुरू होगी कार्रवाई
कृषि विभाग ने बीज विक्रेताओं को चेतावनी देते हुए कहा है कि 1 अगस्त से नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ स्वचालित कार्रवाई शुरू की जाएगी। विभाग की ओर से साफ किया गया है कि केवल लाइसेंस होना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पोर्टल पर पंजीकरण और बिक्री से जुड़ी जानकारी का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखना भी जरूरी होगा।
जो विक्रेता समय रहते ‘साथी पोर्टल’ पर पंजीकरण नहीं कराएंगे या नियमों के अनुसार अपनी खरीद-बिक्री और स्टॉक का विवरण अपडेट नहीं करेंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर मामलों में लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई का प्रावधान है।
किसानों को मिलेगा फायदा
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा। ऑनलाइन रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाना आसान होगा कि बाजार में कौन सा बीज किस विक्रेता के माध्यम से पहुंचा है। इससे बीज की गुणवत्ता और उसकी उपलब्धता पर भी नजर रखी जा सकेगी। किसानों को अक्सर नकली बीज, घटिया गुणवत्ता वाले बीज या अधिक कीमत पर बीज बेचने की शिकायत रहती है। नई व्यवस्था के बाद विभाग के पास बीज की सप्लाई और बिक्री का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे किसी भी शिकायत की स्थिति में संबंधित विक्रेता और बीज की पूरी जानकारी आसानी से जांची जा सकेगी।
विक्रेताओं को समय रहते प्रक्रिया पूरी करने की अपील
कृषि विभाग ने जिले के सभी बीज डीलरों और खुदरा विक्रेताओं से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और जल्द से जल्द ‘साथी पोर्टल’ पर अपना पंजीकरण पूरा कर लें। विभाग ने कहा है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों के खिलाफ बाद में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
विभाग का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य बीज कारोबार को व्यवस्थित करना और किसानों तक सही गुणवत्ता का बीज पहुंचाना है। ऐसे में सभी विक्रेताओं के लिए जरूरी है कि वे पोर्टल पर पंजीकरण कराने के साथ-साथ अपनी खरीद, बिक्री और स्टॉक की जानकारी भी समय-समय पर अपडेट करते रहें।
विभाग की नजर में रहेगा बीज कारोबार
नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिले में बीज की बिक्री और उपलब्धता पर कृषि विभाग की निगरानी और मजबूत होगी। इससे न केवल अवैध तरीके से बीज बेचने वालों पर शिकंजा कसने में मदद मिलेगी, बल्कि किसानों को भी सही जानकारी और बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकेगा।
कृषि विभाग ने साफ कर दिया है कि 1 अगस्त के बाद नियमों की अनदेखी करने वाले बीज विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में जिले के सभी बीज कारोबारियों के लिए ‘साथी पोर्टल’ पर पंजीकरण कराना अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य प्रक्रिया बन गया है।

