उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद बृजभूषण सिंह, राजा भैया, धनंजय सिंह, अब्बास अंसारी और विजय मिश्रा की परेशानियां बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश में अपराधियों और बाहुबलियों के पास मौजूद लाइसेंसी हथियारों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने ऐसे सभी लाइसेंस धारकों की दोबारा पहचान करने और सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिससे प्रशासन में हलचल मच गई है। यह मामला जय शंकर उर्फ बैरिस्टार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य से जुड़ा है, जिसकी सुनवाई जस्टिस विनोद दिवाकर की अदालत में हुई। कोर्ट ने कहा कि राज्य के 75 जिलों में आर्म्स एक्ट और आर्म्स रूल्स का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है और कई आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के पास भी हथियार लाइसेंस मौजूद हैं।
सरकारी हलफनामे के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 10 लाख से अधिक हथियार लाइसेंस जारी किए गए हैं, जिनमें 6,062 ऐसे लाइसेंस धारक हैं जिनके खिलाफ दो या उससे ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस पर कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट में राजा भैया, बृज भूषण शरण सिंह और धनंजय सिंह जैसे नामों का भी उल्लेख किया गया है।
हाईकोर्ट ने सभी जिलों से मांगी जानकारी, आर्म्स लाइसेंस मामले में सख्ती बढ़ी
कोर्ट ने नोएडा, मेरठ, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और कानपुर जैसे जोनों में कथित बाहुबलियों, गैंगस्टरों और प्रभावशाली लोगों से जुड़े हथियार लाइसेंस की विस्तृत जानकारी तलब की है। इनमें मदन सिंह बद्दो, हाजी याकूब कुरैशी, विजय मिश्रा, अब्बास अंसारी और राजन तिवारी जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही रघुराज प्रताप सिंह, धनंजय सिंह, बृज भूषण शरण सिंह और सुशील सिंह जैसे राजनीतिक चेहरों को लेकर भी अलग से जानकारी मांगी गई है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि इन लोगों के पास कितने हथियार लाइसेंस हैं, उन पर कितने आपराधिक मामले दर्ज हैं, क्या उनके परिवार के अन्य सदस्यों के पास भी लाइसेंस हैं और क्या उन्हें सरकारी सुरक्षा प्राप्त है या नहीं।
गन कल्चर को लेकर हाईकोर्ट ने जताई चिंता, हथियार लाइसेंस व्यवस्था पर उठे सवाल
हाईकोर्ट के आदेश के बाद कई प्रभावशाली लोगों के हथियार लाइसेंस की होगी जांच
हाईकोर्ट के आदेश के बाद कई ऐसे लोगों के हथियार लाइसेंस की दोबारा जांच की जाएगी, जिन पर आपराधिक मामले या प्रभावशाली छवि से जुड़े आरोप हैं। इनमें अमित कसाना, अनिल भाटी, रणदीप भाटी, मनोज आसे, अनिल दुजाना, सुंदर सिंह भाटी, मदन सिंह बड्डो, हाजी याकूब कुरैशी, सुनील राठी, हाजी इकबाल, विनोद शर्मा, संजीव माहेश्वरी, विनय त्यागी, अनूप सिंह, लल्लू यादव, बच्चू यादव, विजय मिश्रा, कुंटू सिंह, अब्बास अंसारी, राजन तिवारी, रघुराज प्रताप सिंह, धनंजय सिंह, सुशील सिंह और बृज भूषण शरण सिंह जैसे कई नाम शामिल हैं। इसके अलावा सूची में विनीत सिंह, अजय मरहद, सुजीत सिंह बेलवा, उपेंद्र सिंह गुड्डू, सुनील यादव, बादशाह सिंह, संग्राम सिंह और अन्य कई लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। अब इन सभी के हथियार लाइसेंस, आपराधिक रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की दोबारा समीक्षा की जाएगी।


