Ayodhya: राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा कदम उठाया है। ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा से पूरी तरह दूरी बना ली है। दोनों के इस्तीफे मंजूर होने के बाद अब ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट से भी उनके नाम, फोटो और अन्य जानकारी हटा दी गई है। इसके साथ ही यह साफ संकेत मिल गया है कि अब दोनों का ट्रस्ट से कोई आधिकारिक संबंध नहीं बचा है।इस घटनाक्रम को ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में एक अहम बदलाव माना जा रहा है। वेबसाइट अपडेट होने के बाद अब वहां केवल वर्तमान पदाधिकारियों और सदस्यों का ही विवरण दिखाई दे रहा है। Ayodhya

चढ़ावा विवाद के बाद तेज हुई कार्रवाई
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बाद ट्रस्ट लगातार सवालों के घेरे में था। इस पूरे मामले में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के नाम चर्चा में आए थे। हालांकि दोनों ने पहले ही अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। जानकारी के अनुसार, 26 जून को चंपत राय ने महासचिव पद से और डॉ. अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट सदस्य पद से इस्तीफा सौंप दिया था। अगले दिन 27 जून को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने दोनों के इस्तीफों की पुष्टि भी कर दी थी। इसके बाद 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की अहम बैठक में दोनों के इस्तीफे औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिए गए। तभी से दोनों ने राम मंदिर परिसर में आना भी लगभग बंद कर दिया था। Ayodhya

अब वेबसाइट से भी हटाया गया पूरा रिकॉर्ड
हालांकि इस्तीफे स्वीकार होने के बाद भी कुछ दिनों तक ट्रस्ट की वेबसाइट पर दोनों के नाम और फोटो मौजूद थे। सोमवार को वेबसाइट अपडेट की गई, जिसके बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का पूरा विवरण हटा दिया गया। अब वेबसाइट पर सिर्फ ट्रस्ट के मौजूदा 12 पदाधिकारियों और सदस्यों की जानकारी ही उपलब्ध है। इसे ट्रस्ट की ओर से एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि संगठन अब नए ढांचे के साथ आगे बढ़ना चाहता है। Ayodhya

कृष्ण मोहन को मिली अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी
ट्रस्ट में हुए इस बदलाव के बाद कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज को और अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट चाहता है कि राम मंदिर से जुड़े सभी कार्य बिना किसी विवाद के आगे बढ़ें और श्रद्धालुओं का भरोसा पहले की तरह कायम रहे। Ayodhya

वेबसाइट पर अब ये पदाधिकारी और सदस्य
वेबसाइट अपडेट होने के बाद अब जिन पदाधिकारियों और सदस्यों का विवरण मौजूद है, उनमें ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी और वरिष्ठ सदस्य पद्मश्री के. परासरण शामिल हैं। इसके अलावा स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ, परमानंद गिरी, दिनेंद्र दास, निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा, आईएएस अधिकारी प्रशांत लोखंडे, संजय प्रसाद तथा अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी का नाम भी सूची में शामिल है। Ayodhya

ट्रस्ट की छवि सुधारने की कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि वेबसाइट से नाम हटाना सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि ट्रस्ट की ओर से अपनी छवि को मजबूत करने और पारदर्शिता का संदेश देने की कोशिश भी है। चढ़ावा विवाद के बाद जिस तरह सवाल उठे थे, उसके बाद ट्रस्ट लगातार ऐसे कदम उठा रहा है जिससे श्रद्धालुओं के बीच भरोसा बना रहे। Ayodhya

आने वाले दिनों में ट्रस्ट की नई कार्यप्रणाली, प्रशासनिक फैसलों और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर भी लोगों की नजर बनी रहेगी। फिलहाल इतना तय है कि चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का ट्रस्ट से आधिकारिक अध्याय पूरी तरह समाप्त हो चुका है और अब नई टीम के साथ राम मंदिर ट्रस्ट आगे बढ़ने की तैयारी में है।Ayodhya

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