FirozabadNews : उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में कांग्रेस के पूर्व विधायक के बेटे ने पत्नी को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उस पर गबन के आरोप चल रहे थे और वह हाल ही में अदालत से पेशी के बाद तनाव में था। घटना के समय उसकी पत्नी कैंसर से पीड़ित थीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। कांग्रेस के पूर्व विधायक स्व. जगदीश सिंह यादव के पुत्र राकेश यादव (73) ने शनिवार रात सुभाष तिराहा स्थित अपने आवास पर अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पहले पत्नी राममूर्ति (68) को गोली मार दी और फिर खुद को भी गोली मार ली। इस घटना में राकेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी ने ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। राकेश आदर्श कृष्ण इंटर कॉलेज के पूर्व प्रबंधक थे और उन पर मई 2025 में विद्यालय की कृषि भूमि से प्राप्त आय में 2.60 लाख रुपये के गबन का आरोप भी था। बताया जा रहा है कि वह उसी मामले की तारीख पर अदालत से सुनवाई के बाद शाम को घर लौटे थे। इसके बाद यह दर्दनाक घटना हुई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शनिवार रात करीब 9:30 बजे राकेश के आवास के एक कमरे से अचानक दो गोलियों की आवाजें गूंजीं। घर के दूसरे कमरों में मौजूद राकेश यादव की बड़ी बेटी गरिमा और छोटी बेटी प्रतिमा बदहवास दौड़ीं। कमरे के भीतर माता-पिता खून से लथपथ पड़े थे।

राकेश के माथे पर बीचोबीच गोली लगी थी। मां राममूर्ति देवी की छाती में दायीं ओर कंधे के थोड़ा नीचे गोली लगी थी और वह तड़प रही थीं। परिजन उन्हें तुरंत ट्रामा सेंटर लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।

बदनामी और कानूनी मामलों से टूटे व्यक्ति ने दी जान
बड़ी बेटी गरिमा ने बताया कि उनके पिता राकेश यादव लंबे समय तक आदर्श कृष्ण इंटर कॉलेज के प्रबंधक पद पर कार्यरत रहे। मई 2025 में परिवार के ही भतीजे राहुल यादव, निवासी डाहिनी शिकोहाबाद, ने उन पर विद्यालय की कृषि भूमि से होने वाली आय में गड़बड़ी और कथित रूप से फर्जी तरीके से प्रबंधक बनने के आरोप लगाए थे। इसके बाद अदालत के आदेश पर उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था। शनिवार को पिता राकेश यादव इसी मुकदमे के सिलसिले में कोर्ट में तारीख पर गए थे और शाम करीब पांच बजे घर लौटे थे। गरिमा के अनुसार, कोर्ट से लौटने के बाद से ही वह गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में थे। सामाजिक बदनामी के डर और कानूनी शिकंजे के तनाव के कारण उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया। गरिमा ने बताया कि मां राममूर्ति देवी लंबे समय से कैंसर से भी पीड़ित थीं।
मुलायम सिंह के सामने दो बार लड़ा था विधायकी का चुनाव
राकेश यादव का परिवार क्षेत्र के बेहद संभ्रांत और रसूखदार राजनीतिक परिवारों में गिना जाता है। उनके पिता स्व. जगदीश सिंह यादव कांग्रेस के कद्दावर नेता और शिकोहाबाद विधानसभा से 80 के दशक में विधायक रहे थे। पिता की राजनीतिक विरासत के बीच राकेश यादव खुद भी अपने पैतृक गांव डाहिनी के प्रधान रह चुके थे।

इसके अलावा उन्होंने 1991 और 1993 में विधानसभा का चुनाव शिकोहाबाद सीट से जनता दल के टिकट पर लड़ा था। यह चुनाव सपा के संस्थापक स्व. मुलायम सिंह यादव के सामने लड़ा गया था। इस घटना से पूरे राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।