Gorakhpur: उत्तर प्रदेश में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर से वृक्षारोपण महाअभियान-2026 की शुरुआत की। इस बार सरकार ने एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के भगवानपुर टोल प्लाजा के पास पौधारोपण करके की। इस दौरान उन्होंने ‘मां के नाम एक पेड़’ अभियान के तहत त्रिवेणी (नीम, पीपल और बरगद) का पौधा लगाया और उसके साथ सेल्फी भी ली। Gorakhpur
‘मां के नाम एक पेड़’ अभियान पर दिया खास संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘मां के नाम एक पेड़’ सिर्फ एक अभियान नहीं बल्कि हर व्यक्ति की भावनाओं से जुड़ा संदेश है। उन्होंने कहा कि मां दुनिया की सबसे अनमोल और खूबसूरत देन होती है। जिस तरह हम अपनी मां का सम्मान और ख्याल रखते हैं, उसी तरह हमें धरती मां की भी रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम अपनी सेहत को लेकर तो हमेशा सतर्क रहते हैं, लेकिन जिस धरती से हमें जीवन, भोजन, पानी और स्वच्छ हवा मिलती है, उसकी सेहत की ओर अक्सर ध्यान नहीं देते। अगर धरती स्वस्थ रहेगी, तभी इंसान भी स्वस्थ और सुरक्षित रहेगा। Gorakhpur
प्रदेशभर में चला पौधारोपण का महाअभियान
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के साथ ही पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ पौधारोपण अभियान शुरू हो गया। सरकारी विभागों, पंचायतों, स्कूल-कॉलेजों, सामाजिक संगठनों और लाखों स्वयंसेवकों ने इस अभियान में हिस्सा लिया। अलग-अलग जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी पौधे लगाकर लोगों को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। सरकार का कहना है कि सिर्फ पौधे लगाना ही मकसद नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है ताकि आने वाले वर्षों में ये पौधे बड़े होकर पर्यावरण को मजबूत बना सकें। Gorakhpur
पर्यावरण संरक्षण पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान और प्रदूषण आज पूरी दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि हर परिवार कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसकी जिम्मेदारी भी खुद उठाए। उन्होंने कहा कि पेड़ सिर्फ ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाना जरूरी है। Gorakhpur
जनभागीदारी पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयास तभी सफल होंगे जब आम लोग भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और बच्चों से खास तौर पर इस अभियान से जुड़ने की अपील की और कहा कि अगर हर नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में हरियाली के मामले में देश के लिए मिसाल बन सकता है। प्रदेश सरकार का दावा है कि इस महाअभियान के जरिए उत्तर प्रदेश पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सकेगा। Gorakhpur

