दिल्ली सरकार ने पानी और सीवर के ढांचागत शुल्क नियमों में बदलाव किया है। अब 200 वर्गमीटर तक के मकानों को शुल्क से छूट मिलेगी, जिससे लाखों लोगों को राहत मिलेगी। दिल्ली सरकार ने पानी और सीवर कनेक्शन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज (आईएफसी) नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए राजधानी के लाखों लोगों को राहत दी है। नई व्यवस्था के तहत अब केवल 200 वर्गमीटर से बड़े निर्माण पर ही इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज लगेगा। सरकार का दावा है कि इससे दिल्ली की करीब 90 फीसदी आबादी को फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस नई व्यवस्था की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी दिल्ली में नया निर्माण होता है और जल बोर्ड से पानी-सीवर कनेक्शन के लिए एनओसी ली जाती है, तब वन टाइम इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज देना पड़ता है। पहले यह शुल्क पूरे क्षेत्रफल के आधार पर लिया जाता था, जिससे लोगों पर ज्यादा आर्थिक बोझ पड़ता था। अब सरकार ने इसमें बदलाव करते हुए केवल जरूरत और वास्तविक निर्माण के आधार पर शुल्क लेने का फैसला किया है।
200 वर्गमीटर तक के मकानों पर शुल्क नहीं

