असम के जोरहाट में 13 जून को सेना का एक कमर्शियल प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दौरान सेना के 5 जवानों की मौत हो गई थी। प्लेन दुर्घटना में बिहार के जहानाबाद निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की भी मौत हो गई थी। बिहार सरकार ने उनके परिवार को 21 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की थी। अब इस मामले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शुभम के माता-पिता का आरोप है कि बिहार सरकार से शुभम की कथित पत्नी ने चेक प्राप्त कर लिया है। अब शहीद के माता-पिता ने सरकार से नाराजगी जताई है।
शहीद के पिता अमरेंद्र शर्मा का सरकार पर आरोप है कि अधिकारियों ने शुभम की कथित पत्नी श्रेया राय को 21 लाख रुपये का चेक दे दिया है। जबकि शुभम की शादी श्रेया राय के साथ 2027 में होनी तय हुई थी। शहादत के बाद उसके परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता और सरकारी लाभ उसकी कथित पत्नी को दिये जा रहे हैं। वह अपने पिता के साथ जहानाबाद आई और चेक लेकर चली गई।
इस मामले में बिहार के जहानाबाद के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) राजीव रंजन सिन्हा का बयान सामने आया है। उनका दावा है कि अधिकारिक और विभागीय दस्तावेजों के अनुसार कानूनी तौर पर श्रेया राय ही शुभम कुमार की पत्नी है। सभी दस्तावेजों में श्रेया राय को शुभम कुमार द्वारा नॉमिनी बनाया गया है। जिसके आधार पर शहीद की पत्नी को चेक दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वर्ष 2017 में शुभम कुमार अपने पहले प्रयास में (NDA) की परीक्षा पास कर वायु सेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट बने थे। वर्ष 2025 में शुभम के लिए उनके माता-पिता ने एक रिश्ता देखा। शुभम कुमार ने अपनी माता को बताया कि वह वायु सेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट श्रेया राय से प्यार करता है और उसी से शादी करेगा। माता-पिता भी श्रेया राय के साथ शादी के लिए तैयार हो गये। तभी उनकी दादी की मौत हो गई और शुभम व श्रेया की शादी एक वर्ष के लिए टाल दी गई।
इस दौरान शुभम कुमार और श्रेया राय ने कोर्ट मैरिज कर ली। शुभम कुमार ने वायुसेना में दिये अपने दस्तावेजों में भी नामिनी श्रेया राय को बनाया गया है। शुभम के पिता अमरेंद्र शर्मा का आरोप है कि यह शादी श्रेया और उसके पिता ने पुणे निवास के दौरान दबाव में कराई थी। उन्हें शुभम और श्रेया की शादी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने मांग की है कि सरकार को इस मामले में जांच करनी चाहिए।


