गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की कानूनी टीम से जुड़े अधिवक्ता दीपक खत्री की मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत ने खत्री की पुलिस हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी है। अब पुलिस शनिवार तक उससे पूछताछ कर सकेगी। खत्री को अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े यूएपीए मामले में गिरफ्तार किया गया है।

पांच दिन की रिमांड पूरी होने के बाद गुरुवार को दीपक खत्री को अदालत में पेश किया गया था। दिल्ली पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाने के लिए उसकी पांच दिन की अतिरिक्त पुलिस हिरासत मांगी थी। पुलिस की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने पूरी पांच दिन की मांग मंजूर नहीं की और हिरासत को दो दिन के लिए बढ़ाने का आदेश दिया।

हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच में सामने आया नाम

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। इसी जांच के दौरान दीपक खत्री की भूमिका पुलिस की नजर में आई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई से जुड़े लोगों के साथ खत्री का किस तरह का संपर्क था। पुलिस अब उसके संपर्कों, बातचीत और उन लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है, जिनसे वह कथित तौर पर संपर्क में रहा।

जांच का एक पहलू यह भी है कि क्या वह किसी तरह अलग-अलग गैंग से जुड़े लोगों के बीच संपर्क कराने या संदेश पहुंचाने का काम करता था। पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों को अभी अदालत में साबित किया जाना बाकी है। फिलहाल जांच जारी है और खत्री से पूछताछ के आधार पर पुलिस मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।

एयरपोर्ट से हुई थी गिरफ्तारी

पुलिस के मुताबिक, दीपक खत्री को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। बताया गया कि वह दुबई से दिल्ली पहुंचा था, जिसके बाद एयरपोर्ट पर उसे हिरासत में ले लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे क्राइम ब्रांच की जांच से जुड़े मामले में अदालत के सामने पेश किया गया। शुरुआती पूछताछ के लिए अदालत ने उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। इस दौरान पुलिस ने उससे हथियारों की कथित सप्लाई, संपर्कों और गैंग से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ की। अब अदालत से दो दिन की अतिरिक्त हिरासत मिलने के बाद पुलिस इन सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश करेगी।

गैंगों के बीच संपर्क कराने की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच में अब सिर्फ हथियारों की सप्लाई तक सीमित रहने के बजाय खत्री की कथित भूमिका के दूसरे पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या उसने अलग-अलग आपराधिक गिरोहों के बीच किसी तरह का संपर्क स्थापित कराने में मदद की थी। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि एक अधिवक्ता के तौर पर अपराध से जुड़े लोगों के साथ उसके संपर्क किस प्रकृति के थे और क्या इन संपर्कों का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी गतिविधि के लिए किया गया।

पुलिस के लिए यह पहलू इसलिए भी अहम है क्योंकि हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का संबंध अलग-अलग आपराधिक गिरोहों से होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में खत्री की भूमिका और उसके कथित संपर्कों की जानकारी से जांच की आगे की दिशा तय हो सकती है।

दुबई कनेक्शन पर भी नजर

खत्री के दुबई से दिल्ली पहुंचने के बाद गिरफ्तारी होने के कारण जांच में उसके विदेश संपर्कों को भी देखा जा रहा है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि वह दुबई में किन लोगों के संपर्क में था और दिल्ली लौटने से पहले उसकी किन लोगों से बातचीत हुई थी। जांच एजेंसी उसके यात्रा रिकॉर्ड, संपर्कों और अन्य उपलब्ध जानकारियों को खंगाल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या विदेश में रहते हुए उसने मामले से जुड़े किसी व्यक्ति के साथ संपर्क बनाए रखा था।

यूएपीए मामले में चल रही कार्रवाई

यह मामला गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत दर्ज केस से जुड़ा बताया जा रहा है। हथियारों की कथित अवैध सप्लाई के नेटवर्क की जांच के दौरान पुलिस अलग-अलग लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। दीपक खत्री का नाम इस जांच में सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पांच दिन की रिमांड पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत से और समय मांगा था, लेकिन अदालत ने दो दिन की हिरासत ही मंजूर की।

अब शनिवार तक चलने वाली पूछताछ में पुलिस उसके कथित संपर्कों और हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़े पहलुओं पर जानकारी जुटाएगी। इसके बाद उसे दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की कार्रवाई पर फैसला होगा। पुलिस जांच का फोकस इस बात पर है कि हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क किस तरह काम करता था, इसमें कौन-कौन लोग जुड़े थे और दीपक खत्री की कथित भूमिका इसमें कहां तक थी। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेंगे।

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