मंडी: जिला मुख्यालय मंडी में ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवा को लेकर परिवहन विभाग और रैपिडो से जुड़े बाइक चालकों के बीच स्थिति साफ नहीं हो पाई है। शहर में रैपिडो एप के जरिए निजी बाइक पर यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की सुविधा शुरू होने की जानकारी सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। विभाग का कहना है कि निजी मोटरसाइकिल, स्कूटी या मोपेड का इस्तेमाल किराये पर यात्रियों को ढोने के लिए करने की अनुमति नहीं दी गई है। मामले में परिवहन विभाग ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। आरटीओ मंडी नवीन कुमार के मुताबिक, निजी दोपहिया वाहनों को रैपिडो या किसी अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यावसायिक तौर पर यात्रियों के परिवहन में इस्तेमाल करने की कोई औपचारिक अनुमति विभाग की ओर से नहीं दी गई है। विभाग ने ऐसे कुछ बाइक चालकों के चालान भी किए हैं।
मंडी शहर में लोगों को रैपिडो एप के माध्यम से बाइक बुक कर यात्रा करने की सुविधा मिलने लगी थी। ऐप आधारित इस सेवा में निजी बाइक चालक यात्रियों को उनके तय स्थान तक पहुंचाते हैं और इसके बदले किराया लिया जाता है। इससे कम समय में और अपेक्षाकृत कम खर्च में शहर के भीतर आने-जाने की सुविधा मिलने की उम्मीद थी। सेवा शुरू होने के बाद इसका कानूनी पक्ष सवालों के घेरे में आ गया। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि किसी निजी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल केवल व्यक्तिगत आवागमन के लिए किया जा सकता है। उसे किराये पर यात्रियों को ले जाने के लिए इस्तेमाल करने के लिए संबंधित नियमों और आवश्यक अनुमति का पालन करना जरूरी है।
आरटीओ मंडी नवीन कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से मामले की जांच की जा रही है। इस दौरान रैपिडो जैसी ऑनलाइन सेवाओं के जरिए यात्रियों को ले जाते पाए गए कुछ बाइक चालकों के चालान किए गए हैं। विभाग यह भी पता लगा रहा है कि मंडी शहर में रैपिडो का स्थानीय स्तर पर संचालन किस तरह किया जा रहा है और इसके लिए किस प्रकार की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, किसी ऐप पर सेवा उपलब्ध होना अपने आप में परिवहन विभाग की अनुमति का प्रमाण नहीं माना जा सकता। यात्रियों को किराये पर ले जाने वाले वाहनों के लिए परिवहन नियमों के तहत जरूरी प्रावधानों का पालन करना होता है।
परिवहन विभाग अब मंडी में रैपिडो की स्थानीय गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटा रहा है। विभाग यह भी देख रहा है कि सेवा में कितने दोपहिया वाहन जुड़े हैं और इन वाहनों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है। विभाग की कार्रवाई के बाद उन बाइक चालकों के सामने भी स्थिति स्पष्ट हो गई है, जो निजी वाहन के जरिए ऐप पर यात्रियों को सेवा दे रहे थे। अधिकारियों ने साफ किया है कि बिना आवश्यक अनुमति के निजी बाइक से यात्रियों को किराये पर ले जाना नियमों के दायरे में कार्रवाई का कारण बन सकता है।
ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवाएं शहरों में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। खासकर कम दूरी की यात्रा के लिए लोग इन्हें सुविधाजनक विकल्प मानते हैं। ट्रैफिक वाले इलाकों में बाइक से सफर करने में समय भी कम लग सकता है और कई बार किराया भी अन्य विकल्पों की तुलना में कम पड़ता है। मंडी जैसे पहाड़ी शहर में भी ऐसी सेवा लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, लेकिन परिवहन विभाग का कहना है कि सुविधा देने के साथ-साथ नियमों का पालन भी जरूरी है। यात्रियों की सुरक्षा, वाहन की वैधता और व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े नियमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मंडी में रैपिडो सेवा को लेकर परिवहन विभाग की जांच जारी है। विभाग की ओर से स्थानीय संचालन की पूरी जानकारी जुटाने के बाद आगे की स्थिति और कार्रवाई को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।

