अमरोहा शहर की गलियों, मोहल्लों और प्रमुख चौराहों पर बिजली के तारों का फैला ‘मकड़ी का जाल’ अब सिर्फ बदहाल व्यवस्था की तस्वीर नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल बन गया है। जगह-जगह बिजली के तार और अन्य केबलें एक-दूसरे में उलझी दिखाई देती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात और तेज हवा के दौरान यही जाल सबसे बड़ा खतरा बन जाता है। बारिश शुरू होते ही लोगों की नजर सबसे पहले इन तारों पर जाती है। कई जगह तार इतने नीचे लटक रहे हैं कि लोग उनके नीचे से गुजरते समय भी सतर्क रहते हैं।

शहर के कई इलाकों में आए दिन शॉर्ट सर्किट की घटनाएं सामने आती रहती हैं। किसी मोहल्ले में एक-दो घंटे तक बिजली गुल रहती है, तो कहीं सुबह से शाम तक मरम्मत कार्य चलता रहता है। लोगों का कहना है कि शिकायतें तो दर्ज होती हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज भी इंतजार में है। यही वजह है कि हर बारिश के मौसम में लोगों की चिंता और बढ़ जाती है। दुकानदारों का कारोबार प्रभावित होता है, बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है और घरों में रोजमर्रा के काम रुक जाते हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन तारों को व्यवस्थित नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।

यह कोई नई समस्या नहीं है। बिजली के तारों के इस ‘मकड़ी के जाल’ को लेकर पहले भी शिकायतें उठती रही हैं और खबरें भी प्रकाशित होती रही हैं, लेकिन शहरवासियों के अनुसार हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। कई जगह पुराने और जर्जर तार आज भी वैसे ही लटके हुए हैं। सवाल उठता है कि यदि इन उलझे तारों की वजह से कोई बड़ा हादसा हो जाए, तो उसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा?

अब निगाहें केवल बिजली विभाग पर नहीं, बल्कि जिला प्रशासन पर भी हैं। क्या जिलाधिकारी इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर विशेष अभियान चलाएंगे? क्या शहर के मुख्य चौराहों और मोहल्लों में फैले बिजली के जाल को हटाकर सुरक्षित व्यवस्था बनाई जाएगी? लोगों का कहना है कि बार-बार अस्थायी मरम्मत करने के बजाय स्थायी व्यवस्था की जरूरत है।

भारतीय जनता मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मगरूफ़ सिद्दीकी ने कहा कि बिजली के तारों के ‘मकड़ी के जाल’ की कई शिकायतों और खबरों के बावजूद विभाग ने अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की।

अमरोहा व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान के जिलाध्यक्ष मनोज टंडन खत्री का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही से उपभोक्ता परेशान हैं। शिकायतों के बावजूद विभाग मौन रहता है और समस्याओं का समाधान नहीं होता।

हाजी खुर्शीद अनवर एडवोकेट अध्यक्ष, पैगाम अमन कमेटी, अमरोहा ने कहा कि “बिजली विभाग लापरवाही छोड़कर जर्जर तारों को अंडरग्राउंड करे, शॉर्ट सर्किट रोकने के ठोस इंतजाम करे और शहर को बिजली के मकड़जाल से मुक्त बनाए।”

बिजली विभाग के एसडीओ शिव किशोर का कहना है कि शहर में बिजली के तारों के ‘मकड़ी के जाल’ को व्यवस्थित करने का कार्य कराया गया है। जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

रिपोर्ट मौ। अज़ीम अमरोहा

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