आजमगढ़: जिले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन ठगी करने वाले एक गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोप है कि गिरोह ने फर्जी खतौनी तैयार कर करीब 35 लाख रुपये की जमीन का सौदा किया और पीड़ितों से पैसे लेने के बाद ना तो जमीन का बैनामा कराया और ना ही रकम वापस की।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने एक क्रेटा कार और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र में फर्जी एवं कूटरचित खतौनी के आधार पर जमीन बेचने के नाम पर 35 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। कार्रवाई के दौरान गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक क्रेटा कार और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन तथा क्षेत्राधिकारी बुढ़नपुर के पर्यवेक्षण में अहरौला पुलिस ने की।
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पुलिस के अनुसार थाना अहरौला में दर्ज मुकदमा संख्या 241/2026 की विवेचना के दौरान सूचना मिली कि फर्जी खतौनी के जरिए जमीन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी बरामदपुर पुलिया की ओर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर एक क्रेटा कार को रोककर तलाशी ली और उसमें सवार चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शोभनाथ सेठ, सुधीर सेठ, इन्द्रभूषण सेठ और मुन्नीलाल शर्मा के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी खतौनी तैयार कर लोगों को जमीन बेचने का झांसा देते थे। भरोसा जीतने के बाद पीड़ितों से आरटीजीएस और नकद के माध्यम से लाखों रुपये वसूल लेते थे, लेकिन न तो जमीन का बैनामा कराते थे और न ही रुपये वापस करते थे। रकम मांगने पर पीड़ितों को धमकाया भी जाता था।
इस मामले में पीड़ित दुर्गेश कुमार पाण्डेय की तहरीर पर अहरौला थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना शोभनाथ सेठ पहले से कई आपराधिक मामलों में नामजद है। उसके खिलाफ एनआई एक्ट के तहत भी करीब 20 मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इस तरह की अन्य घटनाओं में उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक चन्द्रशेखर सिंह सहित अहरौला थाने के पुलिसकर्मी शामिल रहे।

