बस्ती जनपद के मुंडेरवा थाना क्षेत्र के बेहिलगांव का एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मृतक महिला को बयान लेकर अदालत पहुंचे दरोगा जी। अदालत की फटकार के बाद मांगने लगे मॉफी। अदालत के एक्शन कि पुलिस महकमे में मच गया हड़कंप।
जिला अदालत ने एसआई जावेद खान की जांच रिपोर्ट को खारिज करने और उपनिरीक्षक के खिलाफ झूठा साक्ष्य प्रस्तुत करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
बस्ती जिले के मुंडेरवा थाना क्षेत्र के बेहिलगांव का यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव निवासी ओमप्रकाश ने अपने ही गांव के प्रह्लाद समेत 11 लोगों पर घर में घुसकर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने निष्पक्ष जांच के लिए धारा 202 के तहत पुलिस को विस्तृत जांच का आदेश दिया।
जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक जावेद खान को सौंपी गई। जांच पूरी होने के बाद दरोगा ने अदालत में अपनी रिपोर्ट दाखिल की। रिपोर्ट में कई गवाहों के बयान शामिल थे। लेकिन इसी रिपोर्ट में एक ऐसा नाम भी था, जिसने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया।
रिपोर्ट में ओमप्रकाश की पत्नी विंध्यवासिनी का बयान भी दर्ज दिखाया गया। जबकि विरोधी पक्ष ने अदालत को दस्तावेज सौंपकर दावा किया कि विंध्यवासिनी की मौत करीब डेढ़ साल पहले ही हो चुकी है। यानी सवाल यह उठा कि जब महिला जीवित ही नहीं थी, तो उसका बयान आखिर किसने और कैसे दर्ज हुआ।
मामला सामने आने के बाद अदालत ने उपनिरीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा। जवाब में दरोगा ने अदालत में माफीनामा दाखिल करते हुए इसे मानवीय भूल बताया और गलती स्वीकार करने हुए माफी मांगी।
जिला अदालत ने इस सफाई को पर्याप्त नहीं माना। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश शुभम द्विवेदी ने कहा कि प्रस्तुत जांच रिपोर्ट संदेह के घेरे में है, और पूरे मामले की दोबारा विस्तृत जांच आवश्यक है।
कोर्ट ने न केवल जांच रिपोर्ट खारिज कर दी, बल्कि उपनिरीक्षक के खिलाफ झूठा साक्ष्य प्रस्तुत करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने का आदेश भी दे दिया। अदलातल में झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करने के आरोप में विभागीय कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर मामले की सूचना उच्च पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिये गये है।
एसपी यशवीर सिंह ने बताया कि एसआई जावेद खान के खिलाफ कोर्ट ने एक पत्र लिखा है कि इनके द्वारा एक मुकदमे में एक ऐसी महिला का बयान लिया गया है जिसकी पहले ही मौत हो चुकी है। इस मामले की सीओ से जांच कराई गई है। जांच रिपोर्ट के बाद एसआई को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में एसआई पर विभागीय जांच भी शुरू की गई है।
रिपोर्ट- इमरान अली/सोनू सिंह


