चित्रकूट: मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ से चित्रकूट में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को जिले का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात देखेंगे। इसके बाद वह रामायण मेला परिसर पहुंचकर बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत किट वितरित करेंगे।

लगातार करीब 20 दिनों तक बाढ़ की मार झेलने वाले चित्रकूट में अब पानी उतर चुका है, लेकिन कई इलाकों में तबाही के निशान अभी भी साफ दिखाई दे रहे हैं। नदी किनारे बसे गांवों से लेकर सड़क, पुल और संपर्क मार्ग तक बाढ़ की चपेट में आए हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का दौरा प्रभावित लोगों के लिए राहत और मदद की उम्मीद लेकर आया है।

हेलीकॉप्टर से देखेंगे बाढ़ से हुए नुकसान का हाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार दोपहर चित्रकूट पहुंचेंगे। उनका हेलीकॉप्टर देवांगना घाटी स्थित चित्रकूट एयरपोर्ट पर उतरेगा। यहां से मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इस दौरान वह मंदाकिनी नदी के आसपास के इलाकों के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों, क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और संपर्क मार्गों की स्थिति देखेंगे। प्रशासन की ओर से बाढ़ के कारण हुए नुकसान की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी जाएगी। हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से रामायण मेला परिसर पहुंचेंगे। यहां आयोजित कार्यक्रम में वह बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे और उन्हें राहत किट वितरित करेंगे।

36 गांवों में छोड़े बाढ़ ने तबाही के निशान

मंदाकिनी में आई बाढ़ का असर चित्रकूट के नदी किनारे बसे इलाकों में सबसे ज्यादा देखने को मिला। रामघाट समेत करीब 36 गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचा था। पानी उतरने के बाद भी कई जगहों पर बाढ़ के निशान दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन के आकलन के मुताबिक बाढ़ से करीब 500 मकानों को नुकसान पहुंचा है। इनमें से 311 क्षतिग्रस्त मकानों के प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से मुआवजा दिया जा चुका है। बाकी प्रभावित परिवारों को भी राहत और सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।

सड़क-पुल और संपर्क मार्ग भी हुए प्रभावित

बाढ़ का असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहा। नदी और नालों के तेज बहाव के कारण कई सड़कें और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ जगह पुलों और रास्तों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई। बाढ़ के दौरान रामघाट और नदी किनारे के दूसरे इलाकों में दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पानी घुस गया था। इससे स्थानीय कारोबारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानदारों के सामान के खराब होने से उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ी।

राहत और पुनर्वास पर रहेगी नजर

मुख्यमंत्री के दौरे को बाढ़ के बाद राहत और पुनर्वास की स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है। हवाई सर्वेक्षण के दौरान वह जमीनी हालात का जायजा लेंगे, जबकि रामायण मेला परिसर में प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जाएगी। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। अब प्रभावित लोगों की नजर इस बात पर है कि सरकार की ओर से बाढ़ के बाद उनके घरों, सड़कों और कारोबार को हुए नुकसान की भरपाई के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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