नोएडा: हरनंदी नदी के किनारे छिजारसी के डूब क्षेत्र में लंबे समय से चल रही बिजली चोरी और अवैध कनेक्शनों के खिलाफ बिजली निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश और अधिकारियों की सख्ती के बाद बिजली निगम की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बड़े स्तर पर अभियान चलाया।
इस दौरान करीब 3 हजार अवैध बिजली कनेक्शन काटे गए, जबकि बिजली चोरी के मामले में 19 लोगों के खिलाफ विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए लगाए गए 10 ट्रांसफार्मर भी जब्त किए गए। वहीं, चोटपुर कॉलोनी में बिजली चोरी के लिए बिछाए गए अवैध तारों को भी उतार दिया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
2017 से चल रहा था अवैध बिजली कनेक्शनों का खेल
अधिकारियों के मुताबिक, छिजारसी और हरनंदी किनारे के डूब क्षेत्र में वर्ष 2017 से ही अवैध तरीके से बिजली कनेक्शन देने और बिजली चोरी कराने का नेटवर्क सक्रिय था। आरोप है कि कुछ लोग अवैध रूप से तार खींचकर कॉलोनियों और बस्तियों में बिजली पहुंचा रहे थे। इसके बदले लोगों से रकम वसूली जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर बिजली निगम के आधिकारिक नेटवर्क से अलग समानांतर लाइनें बिछाकर घरों तक बिजली पहुंचाई जा रही थी। इन लाइनों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को कनेक्शन दिए गए थे।
पुलिस बल के साथ पहुंची बिजली निगम की टीम
बड़े अभियान को देखते हुए बिजली निगम की टीम पुलिस बल के साथ डूब क्षेत्र में पहुंची। टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर जांच की और अवैध तरीके से लगाए गए तारों व कनेक्शनों को हटाना शुरू किया। अभियान के दौरान करीब 3 हजार कनेक्शन काटे गए। कई जगह बिजली चोरी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे तार और दूसरे उपकरण भी हटाए गए। अधिकारियों ने मौके पर लगे 10 ट्रांसफार्मरों को भी अपने कब्जे में ले लिया।
19 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
बिजली चोरी के मामले में जांच के बाद 19 लोगों के खिलाफ विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। बिजली निगम अब यह पता लगाने में जुटा है कि इतने बड़े स्तर पर अवैध कनेक्शन किस नेटवर्क के जरिए चलाए जा रहे थे और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
अवैध वसूली करने वालों पर भी शिकंजा
बिजली चोरी के साथ ही अधिकारियों ने अवैध वसूली की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया है। आरोप है कि कुछ लोग बिजली कनेक्शन और आपूर्ति के नाम पर स्थानीय लोगों से अवैध रूप से पैसे वसूल रहे थे। ऐसे लोगों के खिलाफ संबंधित थानों में शिकायत दी गई है। बिजली निगम और पुलिस अब यह भी जांच कर रहे हैं कि अवैध बिजली नेटवर्क के पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका तो नहीं है।
चोटपुर कॉलोनी में भी उतारे गए अवैध तार
अभियान का असर चोटपुर कॉलोनी में भी देखने को मिला। यहां कई स्थानों पर बिजली चोरी के लिए खींचे गए अवैध तारों को बिजली निगम की टीम ने उतार दिया। अधिकारियों के मुताबिक, इन तारों के जरिए बिना वैध कनेक्शन के घरों और दूसरे परिसरों में बिजली पहुंचाई जा रही थी। कार्रवाई के दौरान टीमों ने ऐसे स्थानों की भी पहचान की जहां से बड़े पैमाने पर अवैध लाइनें आगे बढ़ाई गई थीं।
CM योगी के दखल के बाद तेज हुई कार्रवाई
डूब क्षेत्र में बिजली चोरी और अवैध कनेक्शनों को लेकर शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचने के बाद अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ा। इसके बाद बिजली निगम ने पुलिस और विजिलेंस के साथ मिलकर अभियान तेज किया। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां भी इस तरह की लाइनें या कनेक्शन पाए जाएंगे, उन्हें हटाने के साथ संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब पूरे नेटवर्क की जांच पर जोर
करीब 3 हजार अवैध कनेक्शन काटे जाने के बाद अब अधिकारियों का फोकस इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने पर है। जांच की जा रही है कि इतने वर्षों तक अवैध कनेक्शन किस तरह चलते रहे, ट्रांसफार्मर कहां से आए और बिजली की आपूर्ति के बदले किस स्तर पर वसूली की जाती थी। बिजली निगम की इस कार्रवाई के बाद डूब क्षेत्र में अवैध बिजली कनेक्शनों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और लोगों पर कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

