Ghaziabad News: गाजियाबाद स्थित एक आवासीय सोसायटी की कमेटी में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। सोसायटी में पिछले 8 वर्षों से मेंटेनेंस के नाम पर कमेटी करोड़ों रुपये का घोटाला कर चुकी है।
गाजियाबाद की रिवर हाइट सोसाइटी में मेंटेनेंस के नाम पर जमा किए करोड़ों रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट और सोसोयटी निवासियों के दावारा की गई शिकायतों के आधार पर आरोप लगाए गए हैं। सोसायटी में नियुक्त की गई मेंटिनेंश कमेटी पर करोड़ों रुपये के वित्तीय लेनदेन में अनियमितताओं की जानकारी सामने आई है। River Height Society
राजनगर एक्सटेंशन स्थित रिवर हाइट्स सोसायटी में नियुक्त कमेटी पर GST चोरी, बिना अनुमति नकद भुगतान, फर्जी चुनाव, IFMS फंड के दुरुपयोग और ऑडिट में बाधा जैसी बातें भी रिपोर्ट में सामने आई हैं। फिलहाल, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित सरकारी एजेंसियों द्वारा जांच करने पर मामला खुलकर सामने आएगा। River Height Society
शिकायतकर्ता रितु चौधरी ने आरोप लगाया है कि क्या कोई सोसायटी 8 साल तक करोड़ों का कथित खेल करती रहे और किसी को भनक तक न लगे? क्या मेंटेनेंस के नाम पर लिया गया पैसा सही जगह खर्च हुआ या किसी और जेब में चला गया? क्या चुनाव वास्तव में नियमों के अनुसार हुए या पहले से तय परिणाम जनता पर थोप दिए गए? और सबसे बड़ा सवाल ये कि अगर 5-5 सरकारी शिकायतें हो चुकी थीं, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? ऐसे ही तमाम सवालों के बीच गाजियाबाद की इस आवासीय सोसायटी का मामला चर्चा में है। River Height Society
शिकायतकर्ता का दावा है कि 2017 से 2025 के बीच करोड़ों रुपये के लेनदेन में गंभीर अनियमितताएं हुई है। आरोप है कि लाखों रुपये GST के दायरे में होने के बावजूद रिटर्न दाखिल नहीं की गई, कई व्यक्तियों को बिना उचित दस्तावेजों के भुगतान किया गया, IFMS फंड का इस्तेमाल नियमों के विपरीत हुआ और सोसायटी के चुनावों में भी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। River Height Society
इतना ही नहीं शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने डिप्टी रजिस्ट्रार, जिला प्रशासन, चुनाव अधिकारी, GST विभाग और अन्य अधिकारियों को कई बार शिकायतें दीं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते चुनाव जीतने के बाद अब पदाधिकारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। River Height Society
रितु चौधरी का आरोप है कि यदि ऑडिट रिपोर्ट में लगाए गए आरोप सही हैं, तो जिम्मेदार कौन है? अगर आरोप गलत हैं, तो फिर शिकायतकर्ता को अब तक स्पष्ट जवाब क्यों नहीं मिला? क्या सरकारी विभाग इन आरोपों की निष्पक्ष जांच करेंगे? क्या सोसायटी के हजारों सदस्यों को यह जानने का अधिकार नहीं कि उनके पैसे का हिसाब कहां है? शिकायतकर्ता ने मांग की है कि चुनाव रद्द कर नए चुनाव कराए जाएं, पूरे रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच हो, कथित दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज हो और वित्तीय अनियमितताओं की वसूली की जाए। River Height Society
लेकिन अब सबकी निगाहें प्रशासन पर हैं। क्योंकि यह मामला केवल एक सोसायटी का नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों के भरोसे का है जो हर महीने मेंटेनेंस भरते हैं और उम्मीद करते हैं कि उनका पैसा पारदर्शिता से खर्च होगा। वहीं अब देखना ये होगा कि जांच एजेंसियां इन आरोपों की सच्चाई सामने लाती हैं या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। हालांकि शिकायत के लंबे समय बाद अब GST विभाग ने जांच के लिए टीम का गठन किया है। River Height Society
