Moradabad News: मुरादाबाद जनपद के मूंढापांडे थाना इलाके में गाजियाबाद की साइबर क्राइम पुलिस टीम पर हमले और पुलिस अभिरक्षा से आरोपी को छुड़ाकर फरार करने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। मुरादाबाद के मूंढापांडे इलाके में गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस की एक टीम 1.01 करोड़ की साइबर ठगी के मामले की विवेचना के सिलसिले में पहुंची थी।
गाजियाबाद साइबर क्राइम टीम द्वारा जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि ठगी की बड़ी रकम में से 43 लाख सीधे मूंढापांडे निवासी राशिद नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। यह खाता ‘फर्स्ट लेयर अकाउंट’ था, जिसमें फ्रॉड की रकम सीधे मंगाई गई थी। इस मामले में जब गाजियाबाद पुलिस की टीम आरोपी राशिद को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची थी। राशिद की गिरफ्तारी के दौरान वहां मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया था और उग्र भीड़ ने पुलिसकर्मियों के साथ जमकर बदतमीजी, गाली-गलौज किया।
सरकारी कामकाज में बाधा डालते हुए इन लोगों ने पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की की और आरोपी राशिद को पुलिस की गिरफ्त से जबरन छोड़कर वहां से फरार करा दिया। गाजियाबाद पुलिस ने घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस को सूचना दी। मुरादाबाद पुलिस टीम तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि गाजियाबाद पुलिस टीम की तहरीर पर मूंढापांडे थाने में विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस पर हमले और दबाव बनाने की घटना में कुल तीन लोग नामजद हैं। जबकि 20 से 25 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
गाजियाबाद साइबर थाने की टीम जब मूंढापांडे में वांछित आरोपी राशिद के ठिकाने पर दबिश देने पहुंची, तो वहां पुलिस को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के अनुसार, राशिद के खाते में साइबर अपराध के जरिए ठगे गए 43 लाख सीधे डिपॉजिट मिले। धोखे से प्राप्त हुई रकम के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद पुलिस टीम राशिद को पकड़ने गई थी।
लेकिन वहां मौजूद आरोपी के परिवार और करीब दो दर्जन से अधिक समर्थकों ने सरकारी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ हिंसा शुरु कर दी। गौरतलब है कि आरोपी का एक भाई जिला पंचायत सदस्य है और उसने अन्य परिजनों और महिलाओं के साथ मिलकर टीम पर हमला बोल दिया था। इस दौरान न केवल पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया गया था, बल्कि आरोपी को अभिरक्षा से भगा दिया गया। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और पीड़ित पुलिस टीम की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
मुरादाबाद के एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बयान जारी करते हुए बताया कि गाजियाबाद पुलिस की टीम की शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मूंढापांडे थाने में एक मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें मुख्य आरोपी राशिद, उसका भाई शम्मू (सम्मू) और नन्हें को नामजद किया गया है। तीन लोगों के अतिरिक्त पुलिस ने परिवार के 20 से 25 अन्य लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, उन्हें भी इस केस में आरोपी बनाया गया है।
एसपी सिटी ने साफ किया कि जिस खाते में साइबर फ्रॉड की रकम आई थी, उसे पुलिस द्वारा तुरंत सीज करा दिया गया है। फिलहाल फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें लगा दी गई हैं और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त अग्रिम वैधानिक व निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्ट- शारिक सिद्दकी (मुरादाबाद)


