हरदोई जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में हरदोई पुलिस ने ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो गांव के लोगों को लालच देकर उनके नाम पर सिम कार्ड निकल जाता था,बैंक खाते खुलवाता था और फिर उन्हीं खातों व मोबाइल नंबरों के जरिए देशभर में ऑनलाइन ठगी करता था।गिरोह ने ट्रांसपोर्ट सेवा के नाम पर फर्जी वेबसाइट बना रखी थी,जिसके जरिए ग्राहक फंसाए जाते थे। पुलिस ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दबिश देकर 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी से जुड़े म्यूल अकाउंट में 40 लाख 75 हजार रुपये भी फ्रीज कराए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में पाली थाना क्षेत्र के बसलिया गांव निवासी सौरभ सिंह, बाहपुर निवासी संजीव उर्फ संजीत और रमाकांत, शिवनगर दयेला निवासी अंकित और सचिन, बैजूपुर निवासी अरुण कुमार तथा कस्बा पाली निवासी अरविंद शामिल हैं। सवायजपुर थाना क्षेत्र के अमिरता गांव निवासी दुर्गेश चौहान, अंकित, राधा सिंह और मंजीत उर्फ नीलू को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इसी थाना क्षेत्र के कन्हारी गांव निवासी कृष्णमुरारी उर्फ मुरारी भी पुलिस के हत्थे चढ़ा। कोतवाली शहर क्षेत्र के आजाद नगर निवासी शुभम बाजपेई को भी पुलिस ने पकड़ा है।
इसी तरह कासिमपुर थाना क्षेत्र के बेहंदर निवासी विजय पाल, बेहलोलपुर निवासी रामकिशोर और हरिश्चंद्र, अकबरपुर बेहंदर निवासी प्रेमलता, सर्वेश, रवि और अरुण, अकबरपुर ताल्लुक निवासी राजकुमार तथा कुंडनी निवासी सुमित को गिरफ्तार किया गया है। संडीला पुलिस ने उन्नाव जिले के औरास थाना क्षेत्र के कुशल खेड़ा मजरा सरीफाबाद निवासी गिरीश गोस्वामी को पकड़ा, जबकि पचदेवरा थाना क्षेत्र के नसीरपुर निवासी आरती सिंह और योगेश को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम, पासबुक, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और क्यूआर स्कैनर बरामद किए हैं।
जांच में सामने आया कि गिरोह गांव और आसपास के लोगों को कुछ रुपये का लालच देकर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी कराता था और बैंक खाते खुलवाता था। इसके बाद एटीएम, पासबुक और बैंक डिटेल अपने कब्जे में रख लेता था। आरोपियों ने एक फर्जी ट्रांसपोर्ट वेबसाइट बना रखी थी, जिस पर देशभर में सामान ढुलाई का दावा किया जाता था। ग्राहक से बुकिंग, सिक्योरिटी चार्ज या एडवांस के नाम पर रकम खातों में जमा कराई जाती थी और पैसा आते ही आरोपी एटीएम व दूसरे बैंकिंग माध्यमों से रकम निकालकर मोबाइल बंद कर देते थे। पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क और ठगी के दायरे की जांच में जुटी है।

