🔔 Latest News ✕
इटली में दंगों पर ‘योगी मॉडल’ की चर्चा, दंगाइयों से होगी वसूली?
इटली में दंगों पर ‘योगी मॉडल’ की चर्चा, दंगाइयों से होगी वसूली? Oct 22, 2026
‘मुझे मालूम है आप विदेश में…’, अमित शाह ने राहुल गांधी पर कसा तंज
‘मुझे मालूम है आप विदेश में…’, अमित शाह ने राहुल गांधी पर कसा तंज Oct 22, 2026
अखिलेश यादव का रामपुर दौरा, आजम खान से जेल में होगी मुलाकात
अखिलेश यादव का रामपुर दौरा, आजम खान से जेल में होगी मुलाकात Oct 22, 2026
Greece की सड़कों पर उतरे 10 हजार छात्र-शिक्षक, वेतन और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन
Greece की सड़कों पर उतरे 10 हजार छात्र-शिक्षक, वेतन और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन Oct 22, 2026
CA Inter Result 2026: खत्म हुआ इंतजार! जारी हुआ सीए इंटरमीडिएट का परिणाम, ऐसे करें चेक
CA Inter Result 2026: खत्म हुआ इंतजार! जारी हुआ सीए इंटरमीडिएट का परिणाम, ऐसे करें चेक Oct 22, 2026
कानपुर में युवक की निर्मम हत्या, कार की छत पर 1.5 KM तक घुमाने के बाद कुचला
कानपुर में युवक की निर्मम हत्या, कार की छत पर 1.5 KM तक घुमाने के बाद कुचला Oct 22, 2026
Stock Market: शेयर बाजार खुलते ही धड़ाम, निवेशकों में चिंता बढ़ी
Stock Market: शेयर बाजार खुलते ही धड़ाम, निवेशकों में चिंता बढ़ी Oct 22, 2026
रिहाई के बाद भी बढ़ीं मुश्किलें? सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस का नोटिस
रिहाई के बाद भी बढ़ीं मुश्किलें? सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस का नोटिस Oct 22, 2026
Uttarakhand: मदरसों में शुक्रवार के बदले रविवार का रहेगा अवकाश
Uttarakhand: मदरसों में शुक्रवार के बदले रविवार का रहेगा अवकाश Oct 21, 2026
माइग्रेन का दर्द सिर पर भारी? ये आसान घरेलू उपाय दिला सकते हैं राहत
माइग्रेन का दर्द सिर पर भारी? ये आसान घरेलू उपाय दिला सकते हैं राहत Oct 21, 2026
किडनी की बीमारी के ये 5 लक्षण भूलकर भी न करें नजरअंदाज
किडनी की बीमारी के ये 5 लक्षण भूलकर भी न करें नजरअंदाज Oct 21, 2026
भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने की शिकायत लेकर मंडलायुक्त पहुंचे सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी
भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने की शिकायत लेकर मंडलायुक्त पहुंचे सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी Oct 21, 2026
UP Election 2027: सपा पर मौलाना सैफ अब्बास का तीखा वार, बोले- 34 साल में मुसलमानों को छला गया  
UP Election 2027: सपा पर मौलाना सैफ अब्बास का तीखा वार, बोले- 34 साल में मुसलमानों को छला गया   Oct 21, 2026
Unnao: हाईवे पर बक्से में मिला युवक का शव
Unnao: हाईवे पर बक्से में मिला युवक का शव Oct 21, 2026
उत्तराखंड में बदला मौसम, उत्तरकाशी-रुद्रप्रयाग समेत चार जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार
उत्तराखंड में बदला मौसम, उत्तरकाशी-रुद्रप्रयाग समेत चार जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार Oct 21, 2026
आतंकवाद पर भारत का सख्त रुख, SCO बैठक में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दिया स्पष्ट संदेश
आतंकवाद पर भारत का सख्त रुख, SCO बैठक में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दिया स्पष्ट संदेश Oct 20, 2026
तिजोरी तक पहुंचने के लिए ड्राइवर ने पहले नौकरानी को प्रेम जाल में फंसाया
तिजोरी तक पहुंचने के लिए ड्राइवर ने पहले नौकरानी को प्रेम जाल में फंसाया Oct 20, 2026
Gorakhpur: गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी ने की श्रीनाथ जी और नवविग्रहों की पूजा-अर्चना
Gorakhpur: गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी ने की श्रीनाथ जी और नवविग्रहों की पूजा-अर्चना Oct 20, 2026
यूपी में कांग्रेस का मिशन 200 पार! प्रियंका गांधी की बैठक में बड़ा फैसला
यूपी में कांग्रेस का मिशन 200 पार! प्रियंका गांधी की बैठक में बड़ा फैसला Oct 20, 2026
Dussehra 2026: रावण दहन के लिए क्यों खास है प्रदोष काल? जानें धार्मिक कारण
Dussehra 2026: रावण दहन के लिए क्यों खास है प्रदोष काल? जानें धार्मिक कारण Oct 20, 2026
🔔 Latest News ✕
इटली में दंगों पर ‘योगी मॉडल’ की चर्चा, दंगाइयों से होगी वसूली?
इटली में दंगों पर ‘योगी मॉडल’ की चर्चा, दंगाइयों से होगी वसूली? Oct 22, 2026
‘मुझे मालूम है आप विदेश में…’, अमित शाह ने राहुल गांधी पर कसा तंज
‘मुझे मालूम है आप विदेश में…’, अमित शाह ने राहुल गांधी पर कसा तंज Oct 22, 2026
अखिलेश यादव का रामपुर दौरा, आजम खान से जेल में होगी मुलाकात
अखिलेश यादव का रामपुर दौरा, आजम खान से जेल में होगी मुलाकात Oct 22, 2026
Greece की सड़कों पर उतरे 10 हजार छात्र-शिक्षक, वेतन और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन
Greece की सड़कों पर उतरे 10 हजार छात्र-शिक्षक, वेतन और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन Oct 22, 2026
CA Inter Result 2026: खत्म हुआ इंतजार! जारी हुआ सीए इंटरमीडिएट का परिणाम, ऐसे करें चेक
CA Inter Result 2026: खत्म हुआ इंतजार! जारी हुआ सीए इंटरमीडिएट का परिणाम, ऐसे करें चेक Oct 22, 2026
कानपुर में युवक की निर्मम हत्या, कार की छत पर 1.5 KM तक घुमाने के बाद कुचला
कानपुर में युवक की निर्मम हत्या, कार की छत पर 1.5 KM तक घुमाने के बाद कुचला Oct 22, 2026
Stock Market: शेयर बाजार खुलते ही धड़ाम, निवेशकों में चिंता बढ़ी
Stock Market: शेयर बाजार खुलते ही धड़ाम, निवेशकों में चिंता बढ़ी Oct 22, 2026
रिहाई के बाद भी बढ़ीं मुश्किलें? सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस का नोटिस
रिहाई के बाद भी बढ़ीं मुश्किलें? सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस का नोटिस Oct 22, 2026
Uttarakhand: मदरसों में शुक्रवार के बदले रविवार का रहेगा अवकाश
Uttarakhand: मदरसों में शुक्रवार के बदले रविवार का रहेगा अवकाश Oct 21, 2026
माइग्रेन का दर्द सिर पर भारी? ये आसान घरेलू उपाय दिला सकते हैं राहत
माइग्रेन का दर्द सिर पर भारी? ये आसान घरेलू उपाय दिला सकते हैं राहत Oct 21, 2026
किडनी की बीमारी के ये 5 लक्षण भूलकर भी न करें नजरअंदाज
किडनी की बीमारी के ये 5 लक्षण भूलकर भी न करें नजरअंदाज Oct 21, 2026
भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने की शिकायत लेकर मंडलायुक्त पहुंचे सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी
भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने की शिकायत लेकर मंडलायुक्त पहुंचे सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी Oct 21, 2026
UP Election 2027: सपा पर मौलाना सैफ अब्बास का तीखा वार, बोले- 34 साल में मुसलमानों को छला गया  
UP Election 2027: सपा पर मौलाना सैफ अब्बास का तीखा वार, बोले- 34 साल में मुसलमानों को छला गया   Oct 21, 2026
Unnao: हाईवे पर बक्से में मिला युवक का शव
Unnao: हाईवे पर बक्से में मिला युवक का शव Oct 21, 2026
उत्तराखंड में बदला मौसम, उत्तरकाशी-रुद्रप्रयाग समेत चार जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार
उत्तराखंड में बदला मौसम, उत्तरकाशी-रुद्रप्रयाग समेत चार जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार Oct 21, 2026
आतंकवाद पर भारत का सख्त रुख, SCO बैठक में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दिया स्पष्ट संदेश
आतंकवाद पर भारत का सख्त रुख, SCO बैठक में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दिया स्पष्ट संदेश Oct 20, 2026
तिजोरी तक पहुंचने के लिए ड्राइवर ने पहले नौकरानी को प्रेम जाल में फंसाया
तिजोरी तक पहुंचने के लिए ड्राइवर ने पहले नौकरानी को प्रेम जाल में फंसाया Oct 20, 2026
Gorakhpur: गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी ने की श्रीनाथ जी और नवविग्रहों की पूजा-अर्चना
Gorakhpur: गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी ने की श्रीनाथ जी और नवविग्रहों की पूजा-अर्चना Oct 20, 2026
यूपी में कांग्रेस का मिशन 200 पार! प्रियंका गांधी की बैठक में बड़ा फैसला
यूपी में कांग्रेस का मिशन 200 पार! प्रियंका गांधी की बैठक में बड़ा फैसला Oct 20, 2026
Dussehra 2026: रावण दहन के लिए क्यों खास है प्रदोष काल? जानें धार्मिक कारण
Dussehra 2026: रावण दहन के लिए क्यों खास है प्रदोष काल? जानें धार्मिक कारण Oct 20, 2026
Home राज्य उत्तर प्रदेश हाथरस Akash Anand यूपी में फिर एक्टिव, इस बार बदले अंदाज के साथ लंबी पारी की तैयारी
हाथरसउत्तर प्रदेशन्यूज़राजनीतिराज्यलेटेस्ट

Akash Anand यूपी में फिर एक्टिव, इस बार बदले अंदाज के साथ लंबी पारी की तैयारी

Share
Akash Anand यूपी में फिर एक्टिव, इस बार बदले अंदाज के साथ लंबी पारी की तैयारी
Akash Anand यूपी में फिर एक्टिव, इस बार बदले अंदाज के साथ लंबी पारी की तैयारी
Share

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय संयोजक Akash Anand एक बार फिर पूरे दमखम के साथ मैदान में नजर आ रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद राजनीतिक गतिविधियों से कुछ समय दूर रहने के बाद आकाश ने सोमवार को हाथरस के सादाबाद में जनसभा को संबोधित कर प्रदेश की राजनीति में अपनी दोबारा सक्रिय मौजूदगी दर्ज कराई। करीब दो साल बाद यूपी में उनकी यह वापसी सिर्फ एक सामान्य जनसभा नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे आकाश की सियासी री-लॉन्चिंग के तौर पर भी देखा जा रहा है।

जनसभा में Akash Anand के तेवर पहले की तरह आक्रामक जरूर दिखे, लेकिन उनके भाषण में पहले के मुकाबले ज्यादा संतुलन और राजनीतिक समझ भी नजर आई। उन्होंने भाजपा, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस तीनों को निशाने पर लिया, लेकिन किसी तरह के विवादित बयान से बचते हुए युवाओं, रोजगार और उनके भविष्य जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा। उनके अंदाज में यह बदलाव इस बात का संकेत माना जा रहा है कि शुरुआती राजनीतिक झटकों से आकाश ने काफी कुछ सीखा है और अब वह लंबी राजनीतिक पारी की तैयारी में हैं।

करीब दो साल बाद यूपी की जमीन पर उतरे आकाश

Akash Anand ने लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान उत्तर प्रदेश में काफी आक्रामक अंदाज में प्रचार किया था। उस समय उनके भाषणों और बयानबाजी को लेकर खूब चर्चा हुई। हालांकि, सीतापुर में दिए गए एक विवादित भाषण के बाद पार्टी नेतृत्व ने उनके खिलाफ बड़ा फैसला लिया। मायावती ने उनसे उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार समेत कई अहम जिम्मेदारियां वापस ले ली थीं। इतना ही नहीं, आकाश को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाने के साथ ही उन्हें मायावती का उत्तराधिकारी भी नहीं रहने दिया गया था।

उस समय ऐसा लगने लगा था कि Akash Anand का राजनीतिक भविष्य मुश्किल दौर में पहुंच गया है। लेकिन उन्होंने धीरे-धीरे खुद को संभाला और अब एक बार फिर संगठन तथा जनता के बीच अपनी जगह बनाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। सादाबाद की जनसभा इसी वापसी की सबसे बड़ी तस्वीर बनी। मंच पर आकाश का अंदाज आत्मविश्वास से भरा नजर आया। उनके समर्थकों और खासकर युवाओं में भी उत्साह दिखाई दिया।

मायावती की नसीहतों का भाषण पर दिखा असर

Akash Anand की राजनीति में वापसी के साथ सबसे ज्यादा चर्चा उनके बदले हुए अंदाज की हो रही है। कुछ समय पहले तक अपने तीखे बयानों और सीधे हमलों के लिए चर्चा में रहने वाले आकाश इस बार ज्यादा संयमित दिखाई दिए। उनके भाषण में राजनीतिक हमला तो था, लेकिन भाषा पर नियंत्रण भी नजर आया। उन्होंने विरोधी दलों पर सवाल खड़े किए, सरकार और विपक्ष दोनों की नीतियों को लेकर युवाओं की समस्याओं का जिक्र किया, लेकिन ऐसा कोई बयान नहीं दिया जिससे अनावश्यक विवाद पैदा हो।

राजनीतिक जानकार इसे मायावती की पहले दी गई नसीहतों के असर के तौर पर देख रहे हैं। आकाश के लिए यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राजनीति में सिर्फ आक्रामक तेवर ही काफी नहीं होते। लंबे समय तक टिके रहने के लिए संगठन, जनता, मुद्दों और भाषा चारों के बीच संतुलन बनाना जरूरी होता है। सादाबाद में आकाश ने यही संतुलन साधने की कोशिश की।

युवाओं को जोड़ने की कोशिश, प्रदर्शन का भी उठाया मुद्दा

Akash Anand की राजनीति की सबसे बड़ी ताकतों में युवाओं के बीच उनकी पकड़ को माना जाता है। उनकी भाषण शैली और सोशल मीडिया पर सक्रियता ने कम उम्र के मतदाताओं के बीच उन्हें पहचान दिलाई है। सादाबाद की जनसभा में भी उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी। उन्होंने युवाओं के प्रदर्शन और उनकी आवाज को लेकर विपक्षी दलों पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि युवाओं की समस्याओं को सिर्फ चुनावी मुद्दा बनाने के बजाय राजनीतिक दलों को उनके भविष्य और अधिकारों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।

युवाओं को केंद्र में रखकर राजनीति करना आकाश की रणनीति का अहम हिस्सा रहा है। बसपा की पारंपरिक राजनीति जहां लंबे समय से दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के मुद्दों के इर्द-गिर्द रही है, वहीं आकाश उसमें युवा वर्ग को एक मजबूत राजनीतिक आधार के तौर पर जोड़ने की कोशिश करते रहे हैं।

भाजपा, सपा और कांग्रेस, तीनों पर साधा निशाना

सादाबाद की जनसभा में Akash Anand ने किसी एक दल को निशाना बनाने के बजाय भाजपा, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने विपक्षी दलों की नीतियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर हमला बोला। उनके भाषण की खास बात यह रही कि वह लगातार मुद्दों पर टिके रहे। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच उन्होंने खुद को किसी बड़े विवाद में फंसने से बचाया। यही वह बदलाव है जिस पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है। आकाश का पुराना तेवर अभी भी मौजूद है, लेकिन अब उसमें पहले के मुकाबले ज्यादा राजनीतिक सावधानी दिखाई दे रही है।

परिवार में उठापटक के बीच भी खुद को रखा सक्रिय

Akash Anand के सामने सिर्फ राजनीतिक चुनौतियां ही नहीं रही हैं। पिछले दिनों बसपा के भीतर हुई उठापटक का असर भी उनके राजनीतिक भविष्य पर पड़ने की चर्चा थी। बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को दूसरी बार पार्टी से बाहर कर दिया। इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर और परिवार से जुड़े समीकरणों को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं सामने आईं। ऐसे समय में आकाश के लिए खुद को इन विवादों से अलग रखते हुए राजनीतिक गतिविधियों पर ध्यान देना आसान नहीं था।

इसके बावजूद उन्होंने खुद को सार्वजनिक तौर पर सक्रिय रखा और सादाबाद में पुराने आत्मविश्वास के साथ मंच संभाला। यह उनके लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि राजनीति में व्यक्तिगत और पारिवारिक विवाद अक्सर सार्वजनिक छवि को प्रभावित करते हैं। आकाश ने फिलहाल इन मुद्दों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।

सीतापुर भाषण के बाद लगा था राजनीतिक झटका

Akash Anand के राजनीतिक सफर में सीतापुर का विवादित भाषण एक बड़ा मोड़ माना जाता है। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दिए गए भाषण को लेकर विवाद बढ़ने के बाद मायावती ने कड़ा फैसला लिया था। आकाश को उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारियों से दूर कर दिया गया। बाद में उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद से भी हटाया गया और उत्तराधिकारी की जिम्मेदारी भी वापस ले ली गई।

उस समय पार्टी के भीतर यह संदेश गया कि आकाश को राजनीतिक तौर पर अभी और सीखने की जरूरत है। उनके आक्रामक अंदाज को लेकर भी सवाल उठे। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बाद उन्होंने सार्वजनिक राजनीति से दूरी बनाई, लेकिन राजनीतिक तौर पर पूरी तरह गायब नहीं हुए। अब उनकी वापसी को इसी दौर के बाद खुद को नए तरीके से स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

झटकों से निकले, लेकिन तेवर नहीं बदले

Akash Anand की मौजूदा राजनीति को समझने के लिए उनके पुराने और नए अंदाज के बीच अंतर देखना जरूरी है। पहले उनके भाषणों में जोश और आक्रामकता ज्यादा दिखाई देती थी। अब भी वह सरकार और विपक्ष पर खुलकर सवाल उठाते हैं, लेकिन भाषा और शब्दों के चयन में अधिक सावधानी नजर आ रही है। यानी आकाश ने अपने तेवर पूरी तरह नहीं बदले हैं, बल्कि उन्हें राजनीतिक अनुभव के साथ इस्तेमाल करना शुरू किया है। यही बदलाव उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण हो सकता है। क्योंकि एक युवा नेता के तौर पर उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ भीड़ जुटाना नहीं, बल्कि उस भीड़ को स्थायी राजनीतिक समर्थन में बदलना है।

बसपा के लिए भी आकाश की वापसी अहम

Akash Anand की सक्रियता सिर्फ उनके व्यक्तिगत राजनीतिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि बसपा के लिए भी इसका बड़ा महत्व है। उत्तर प्रदेश में बसपा लंबे समय से अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने की चुनौती का सामना कर रही है। ऐसे में पार्टी के पास एक युवा चेहरा होना संगठन को नई ऊर्जा देने की कोशिश का हिस्सा माना जा सकता है। आकाश की उम्र, उनकी सोशल मीडिया उपस्थिति और युवाओं के बीच उनकी पहचान बसपा के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, उनके सामने चुनौती भी कम नहीं है। उन्हें मायावती की विरासत और पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक के साथ-साथ नई पीढ़ी के मतदाताओं को भी जोड़ना होगा।

आकाश के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती संगठन मजबूत करने की

सादाबाद की जनसभा से आकाश ने वापसी का संकेत जरूर दिया है, लेकिन असली परीक्षा अब आगे होगी। एक-दो बड़ी सभाओं से राजनीतिक वापसी पूरी नहीं होती। इसके लिए लगातार जनता के बीच रहना, संगठन को मजबूत करना और स्थानीय स्तर के नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाना जरूरी होगा।

आकाश को यह भी साबित करना होगा कि वह सिर्फ भाषणों के जरिए युवाओं को आकर्षित करने वाले नेता नहीं, बल्कि लंबे समय तक संगठन खड़ा करने और चुनावी राजनीति में परिणाम देने की क्षमता भी रखते हैं। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राजनीतिक राज्य में यह काम आसान नहीं है। यहां जातीय समीकरण, स्थानीय मुद्दे, संगठन और उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़ चुनावी परिणामों पर बड़ा असर डालते हैं।

यह भी पढे़: यूपी के हर जिले में युवाओं को UPSC से लेकर NEET तक की फ्री कोचिंग मिलेगी

क्या आकाश आनंद लंबी पारी के लिए तैयार हैं?

सादाबाद की सभा से सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यही निकलता है कि Akash Anand ने पीछे हटने के बजाय अपने पुराने अनुभवों से सीखकर आगे बढ़ने का रास्ता चुना है। राजनीति में शुरुआती दौर में झटके लगना किसी भी नेता के लिए असामान्य नहीं है। फर्क इस बात से पड़ता है कि नेता उन झटकों के बाद किस तरह वापसी करता है। आकाश के मामले में अब तक यह दिखाई दे रहा है कि उन्होंने विवादों से सीखने की कोशिश की है।

उनका तेवर अभी भी आक्रामक है, लेकिन अब उसमें संयम भी जुड़ता नजर आ रहा है। युवाओं के मुद्दों पर उनकी पकड़ और मायावती के राजनीतिक अनुभव से मिलने वाला मार्गदर्शन उनके लिए आगे की राह में अहम हो सकता है। सादाबाद की जनसभा इसलिए महज एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि Akash Anand की नई राजनीतिक पारी का संकेत मानी जा रही है। आने वाले दिनों में अगर वह लगातार यूपी के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय रहते हैं और संगठन को मजबूत करने में सफल होते हैं, तो बसपा की राजनीति में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

यह भी पढे़: कांवड़ यात्रा के दौरान गूंजे Manoj Tiwari के भजन, राहुल गांधी पर साधा निशाना

फिलहाल इतना साफ है कि आकाश आनंद फिर मैदान में हैं। शुरुआती राजनीतिक झटकों ने उनके सफर को जरूर धीमा किया, लेकिन खत्म नहीं किया। अब उनका बदला हुआ अंदाज यह संकेत दे रहा है कि वह इस बार जल्दबाजी के बजाय लंबी राजनीतिक पारी खेलने की तैयारी में हैं।

@Nation27

Share
Written by
Sonu Singh

सोनू सिंह पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में है। इस दौरान सहारा समय, टोटल टीवी, न्यूज नेशन और जागरण डॉट के साथ जुड़कर कार्य कर चुके है। वर्तमान में नेशन 27 में डिजिटल टीम का हिस्सा है।

ट्रेंडिंग न्यूज़

सम्बंधित ख़बरें
न्यूज़राज्यलेटेस्टTrending

इटली में दंगों पर ‘योगी मॉडल’ की चर्चा, दंगाइयों से होगी वसूली?

यूरोप में हालिया हिंसा के दौरान इटली के कई शहर भी हिंसा...

'मुझे मालूम है आप विदेश में…', अमित शाह ने राहुल गांधी पर कसा तंज
राजनीतिदिल्लीन्यूज़भारतराज्यलेटेस्ट

‘मुझे मालूम है आप विदेश में…’, अमित शाह ने राहुल गांधी पर कसा तंज

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कांग्रेस नेता...