कानपुर देहात के महिला जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक CMS के पद को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। 62 वर्ष की आयु पूरी होने पर 31 दिसंबर 2025 को रिटायरमेंट हुईं डॉ. वंदना सिंह यादव को शासन ने तीन वर्ष के सेवा विस्तार के तहत वरिष्ठ परामर्शदाता के रूप में गौतम बुद्ध नगर स्थानांतरित किया था। आरोप है कि उन्होंने स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं किया और आज भी कानपुर देहात में सीएमएस से जुड़े कार्य देख रही हैं।
कानपुर देहात की महिला जिला अस्पताल में लंबे समय तक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पद पर रहीं डॉ. वंदना सिंह यादव का 31 दिसंबर 2025 को 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर रिटायरमेंट हो गया। इसके बाद शासन द्वारा तीन वर्ष के सेवा विस्तार के तहत उन्हें वरिष्ठ परामर्शदाता के रूप में गौतम बुद्ध नगर स्थानांतरित किया गया। लेकिन आरोप है कि उन्होंने स्थानांतरण आदेश को नहीं माना और अब भी कानपुर देहात में कार्यरत हैं।
मीडिया से बातचीत में डॉ. वंदना सिंह यादव ने कहा कि उनका नियमित कार्यकाल पूरा हो चुका है और अब वह शासन की मंशा तथा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के निर्देशों के क्रम में वरिष्ठ परामर्शदाता के रूप में कार्य कर रही हैं। वहीं, सीएमएस की जिम्मेदारी निभाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्राचार्य के जो भी निर्देश होते हैं, उनका पालन करती हैं। साथ ही उन्होंने अपने स्थानांतरण आदेश को त्रुटिपूर्ण बताते हुए इसे समायोजन का मामला बताया।
वहीं, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरप्रीत सिंह ने बताया कि तत्कालीन प्राचार्य डॉ. सज्जन लाल वर्मा ने डॉ. वंदना सिंह यादव को कार्यवाहक सीएमएस बनाया था।
इस पूरे मामले में स्वास्थ्य सेवा नियमों को माने तो 62 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद सेवा विस्तार की अवधि केवल चिकित्सकीय कार्यों के लिए होती है और इस दौरान डॉक्टर को सीएमओ या सीएमएस जैसे प्रशासनिक पद पर नहीं रखा जा सकता। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नही है।
इसी बीच, मेडिकल कॉलेज में टेंडर और भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगे आरोपों के बाद यह मामला भी चर्चा में आ गया है। कुछ सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि डॉ. वंदना सिंह यादव ने लक्ष्मी पूजन कर अपनी कुर्सी बचा रखी है
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल मामला प्रशासनिक नियमों, सेवा विस्तार और पद पर बने रहने को लेकर सवालों के घेरे में है। अब देखना होगा कि शासन और स्वास्थ्य विभाग इस पूरे प्रकरण में क्या कार्रवाई करते हैं।
रिपोर्ट – गौरव शुक्ला /सोनू सिंह

