UP के कानपुर से मिलावटखोरी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ खाद्य विभाग की टीम ने ‘पीतांबरा इंटरप्राइजेज’ नामक एक मसाला फैक्ट्री पर छापेमारी की, जहाँ सेहत से खिलवाड़ का बड़ा खेल चल रहा था। हैरान करने वाली बात यह है कि फैक्ट्री में हल्दी का एक टुकड़ा भी नहीं मिला, बल्कि चावल के टुकड़ों को बारीक पीसकर उसमें हानिकारक रंग मिलाकर उसे हल्दी पाउडर के रूप में तैयार किया जा रहा था।
क्या है पूरा मामला?
कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग को लंबे समय से मिलावटी मसाले बनाए जाने की सूचना मिल रही थी। इसी के आधार पर विभाग की टीम ने छापेमारी की। जब अधिकारी फैक्ट्री के अंदर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। वहां हल्दी के नाम पर पूरी तरह से नकली सामग्री तैयार की जा रही थी।

फैक्ट्री मालिक द्वारा चावल के टुकड़ों (जो अक्सर निम्न गुणवत्ता के होते हैं) का उपयोग करके उसे मशीनों में पीसा जा रहा था। इसके बाद उसमें हल्दी जैसा दिखने वाला कृत्रिम ‘लिक्विड कलर’ (Chemical Dye) मिलाया जाता था ताकि वह दिखने में बिल्कुल असली हल्दी पाउडर जैसा लगे। यह मिलावटी पाउडर न केवल स्वाद में फीका था, बल्कि स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक भी था। UP

छापामारी में बरामदगी का विवरण
खाद्य विभाग की टीम ने फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में तैयार माल और कच्चा माल बरामद किया है। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार नकली हल्दी पाउडर 42 बोरी। चावल के टुकड़े (कच्चा माल) 77 बोरी। भारी मात्रा में मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और लिक्विड केमिकल कलर। जब्त किए गए कुल माल की अनुमानित कीमत लगभग 5.86 लाख रुपये बताई जा रही है। UP
स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलाया जाने वाला यह ‘लिक्विड कलर’ और केमिकल डाई स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होते हैं। इनका नियमित सेवन करने से पेट की बीमारियां, लिवर की समस्याएं और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इस तरह के नकली मसाले सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हैं। UP

प्रशासन की सख्त कार्रवाई
छापेमारी के दौरान विभाग ने सभी संदिग्ध वस्तुओं के नमूने लिए हैं और उन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और मालिक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act) के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और जिले में ऐसे अन्य ठिकानों की भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। UP
रिपोर्ट-सोनू सिंह @Nation27


