लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दो दिवसीय ‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026’ की शुरुआत हुई। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को वैश्विक वस्त्र उद्योग केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया और बुनकरों के कल्याण के लिए ‘यूपी टेक्स मित्रा’ पोर्टल भी लॉन्च किया।
अर्थव्यवस्था के मामले में उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था बन चुका है। साल 2026-27 के लिए राज्य का अनुमानित जीएसडीपी करीब 39.8 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले लगभग 28 फीसदी अधिक है। बीते आठ साल में प्रदेश की अर्थव्यवस्था करीब 13.30 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 30 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है।
उत्तर प्रदेश का सालाना करीब 10.8 फीसदी की दर से विकास हो रहा है। इसी अवधि में राज्य की फैक्ट्रियों की संख्या भी 14 हजार से बढ़कर 32 हजार से ज्यादा हो गई है, जो औद्योगिक विस्तार को साफ दर्शाता है।
मैन्युफैक्चरिंग के मामले में उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा हाईटेक हब बन चुका है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा को केंद्र बनाकर विकसित हुए औद्योगिक इकोसिस्टम की वजह से देश में बनने वाले करीब 65 फीसदी मोबाइल फोन अकेले उत्तर प्रदेश में तैयार होते हैं।
सैमसंग, ओप्पो, वीवो और एलजी जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ-साथ डिक्सन टेक्नोलॉजीज, ऑप्टिमस और माइक्रोमैक्स जैसी घरेलू कंपनियां भी यहां उत्पादन कर रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण में भी प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 55 फीसदी तक पहुंच चुकी है।
सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी राज्य ने बड़ी छलांग लगाई है और अब तक इस क्षेत्र में करीब 32 हजार करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है। जेवर के पास बनने वाला एचसीएल-फॉक्सकॉन डिस्प्ले ड्राइवर चिप प्लांट इनमें सबसे अहम परियोजना है। इसके अलावा हायर और पैनासोनिक जैसी कंपनियां भी उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में अपने निवेश का विस्तार कर रही हैं।
एक और बड़ी उपलब्धि के तौर पर लखनऊ ने ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026’ में दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। पिछले साल शहर 15वें पायदान पर था, लेकिन इस बार लखनऊ ने इंदौर को भी पीछे छोड़ते हुए 198 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पाया।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और मेधावी बच्चों को सम्मानित किया। इस तरह एक ही दिन में लखनऊ से अयोध्या तक विकास से जुड़े कई कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश के वस्त्र उघोग की बात करते हुए बनारस की सिल्क साड़ी, भदोही के कालीन, लखनऊ की चिकनकारी, कानपुर के लेदर उद्योग और मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि राज्य के पास करीब 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार है और निवेशकों को ऑनलाइन इंसेंटिव देने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि देशभर से आए उद्योगपतियों ने भी उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर उत्साह जताया है।
इस उपलब्धि के लिए शहर को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत डेढ़ करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार भी मिला है। यह रैंकिंग निर्माण कार्य से उठने वाली धूल पर नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, वाहन और औद्योगिक प्रदूषण घटाने जैसे मानकों पर आधारित थी।
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कुल मिलाकर टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और पर्यावरण जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में मिल रही ये उपलब्धियां बताती हैं कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ कृषि प्रधान राज्य की पुरानी छवि से आगे निकलकर एक औद्योगिक और तकनीकी केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

