मथुरा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को वृंदावन पहुंचे। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के मौके पर अपने दो दिवसीय मथुरा-वृंदावन दौरे के दौरान सीएम ने श्री हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उन्होंने संतों का सम्मान किया और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में हिस्सा लिया। इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने यहां के मंदिरों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन वे लोगों के मन से भगवान श्रीकृष्ण की स्मृति को मिटाने में कामयाब नहीं हो सके।

सीएम योगी ने कहा कि वृंदावन और पूरा ब्रज क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनकी स्मृतियों से जुड़ा हुआ है। समय के साथ यहां कई तरह के बदलाव आए और अलग-अलग दौर में मंदिरों पर संकट भी आया, लेकिन श्रद्धा और आस्था की परंपरा बनी रही। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मंदिरों को तोड़ने की कोशिश की, वे श्रीकृष्ण के प्रति लोगों की आस्था को खत्म नहीं कर पाए।

‘मंदिर टूटे, लेकिन आस्था नहीं टूटी’

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास में ऐसे कई दौर आए जब विदेशी आक्रांताओं ने धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया। मंदिरों को तोड़ा गया, उनकी संरचनाओं को नष्ट किया गया, लेकिन ब्रजवासियों और श्रद्धालुओं की आस्था कायम रही। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की स्मृति केवल किसी मंदिर या इमारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन का हिस्सा है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वृंदावन आने वाला हर श्रद्धालु यहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से खुद को जोड़ता है। यही वजह है कि तमाम ऐतिहासिक चुनौतियों के बावजूद ब्रज की पहचान आज भी पूरी दुनिया में बनी हुई है।

श्री हरिदास प्रेक्षागृह का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने इस दौरान श्री हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण भी किया। इस प्रेक्षागृह को ब्रज की धार्मिक, सांस्कृतिक और संगीत परंपरा को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान संतों और धर्माचार्यों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संतों का सम्मान किया और उनका आशीर्वाद लिया। धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पूरा माहौल कृष्णमय नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

ब्रज की संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने पर जोर

सीएम योगी ने कहा कि ब्रज की पहचान सिर्फ धार्मिक स्थल के तौर पर नहीं, बल्कि कला, संगीत, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के केंद्र के रूप में भी है। सरकार का प्रयास है कि ब्रज क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और यहां की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने नई पहचान मिले। उन्होंने कहा कि वृंदावन की परंपरा संतों, साधु-संतों, कलाकारों और भक्तों की तपस्या से आगे बढ़ी है। श्रीकृष्ण और राधारानी से जुड़ी ब्रज की परंपराएं आज भी लोगों को अपनी ओर खींचती हैं।

जन्माष्टमी के मौके पर वृंदावन में खास माहौल

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर इन दिनों मथुरा और वृंदावन में भक्तों की भारी भीड़ जुट रही है। मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है और जगह-जगह धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा भी इसी धार्मिक माहौल के बीच हुआ। सीएम के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। वृंदावन में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ विकास कार्यों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी प्रशासनिक तैयारियां जारी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रज की धरती की पहचान हजारों वर्षों से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास में कितनी भी चुनौतियां आई हों, श्रीकृष्ण की स्मृति और उनके प्रति लोगों की श्रद्धा को कोई मिटा नहीं सका। यही आस्था आज भी मथुरा, वृंदावन और पूरे ब्रज को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए खास बनाती है।

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