बसपा प्रमुख मायावती ने मेरठ हत्याकांड का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों पर लोगों को भड़काने का आरोप लगाया है। मायावती ने कहा कि कई राजनीतिक दल हिंसा और चक्का जाम करवाकर जनता को गुमराह करते हैं और उनके नेता सिर्फ घटनास्थल पर जाकर राजनीति करते हैं, जिससे न्याय नहीं मिलता।

उन्होंने याद दिलाया कि कांशीराम जी ने बसपा का गठन दलितों पर होने वाले अन्याय के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए किया था, न कि सड़कों पर अराजकता फैलाने के लिए। उन्होंने लोगों को ऐसे दलों से सतर्क रहने की सलाह दी है।

मेरठ हत्याकांड पर मायावती का विपक्ष पर हमला, बोलीं- ‘हिंसा और चक्का जाम से नहीं मिलता न्याय’

 मायावती ने कहा कि ऐसे दलों के नेता केवल घटनास्थल पर पहुंचकर राजनीति करते हैं, जबकि वास्तविक न्याय कानूनी प्रक्रिया से ही संभव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भावनाओं में बहकर अराजकता का हिस्सा न बनें और कानून पर भरोसा रखें।

बसपा प्रमुख ने अपने संस्थापक कांशीराम का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की स्थापना दलितों, वंचितों और शोषितों पर होने वाले अन्याय के खिलाफ संवैधानिक और कानूनी लड़ाई लड़ने के उद्देश्य से की थी, न कि सड़कों पर हिंसा या अराजकता फैलाने के लिए।

उन्होंने कहा कि बसपा हमेशा कानून के दायरे में रहकर न्याय की लड़ाई लड़ने में विश्वास करती है। साथ ही उन्होंने जनता से ऐसे राजनीतिक दलों से सावधान रहने की सलाह दी, जो संवेदनशील घटनाओं को राजनीतिक मुद्दा बनाकर माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं।

मायावती का यह बयान ऐसे समय आया है जब मेरठ हत्याकांड को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है और विभिन्न राजनीतिक दल इस मामले को लेकर लगातार सरकार और प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं। और ये सियासती गर्मा रही है क्योकि जब भी कोई घटना ऐसी घटती है जो कि अविश्वासनीय है डरावनी और खतरनाक है क्योकि ललिता की हत्या तो हुई लेकिन हत्या कैसे हुई किस वजह से हुई ऐसे कई सवाल हत्या के बाद आने शुरु हो गए है

आज से कुछ हफ्ते पहले ललिता का वीडीयो वायरल हुआ था जिसके बाद वो सुर्खियों में थी लेकिन आज वो कही नही

 

 

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