Leopard Attack: मुरादाबाद के बलिया गांव में तेंदुए के हमले में एक महिला की मौत के बाद हालात बिगड़ गए। खेत से चारा लेने गईं विरमो देवी पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, तेंदुए ने महिला की गर्दन दबोच ली। गंभीर रूप से घायल महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
महिला की मौत की खबर गांव में पहुंचते ही लोगों में गुस्सा फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। वन विभाग की टीम जब गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने उसे अंदर आने से रोक दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और टीम पर पथराव शुरू हो गया। पुलिस को भी हालात संभालने के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा।
खेत में चारा लेने गई थीं विरमो देवी
जानकारी के मुताबिक, विरमो देवी गांव के पास खेत में चारा लेने गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों के आसपास छिपे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बताया जा रहा है कि तेंदुए ने महिला की गर्दन पर हमला किया। हमले में वह बुरी तरह घायल हो गईं।
आसपास मौजूद लोगों ने जब शोर सुना तो मौके की तरफ दौड़े, लेकिन तब तक महिला की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। महिला की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, ग्रामीणों में डर के साथ गुस्सा भी बढ़ गया। लोगों का कहना है कि इलाके में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर पहले से चिंता बनी हुई थी। अब एक महिला की जान जाने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया।
वन विभाग की टीम को गांव में घुसने से रोका
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम का मकसद इलाके का जायजा लेना और तेंदुए की तलाश शुरू करना था। लेकिन ग्रामीण पहले से आक्रोशित थे। ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को गांव में प्रवेश करने से रोक दिया। लोगों का कहना था कि पहले तेंदुए को पकड़ने के लिए ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी थी कि अगर तेंदुआ इलाके में घूम रहा है तो लोगों की सुरक्षा के लिए इंतजाम क्यों नहीं किए गए। बात बढ़ने पर मौके पर हंगामा शुरू हो गया। कुछ ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग की टीम पर पथराव कर दिया। अचानक हुए पथराव से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ने की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की और किसी तरह स्थिति को काबू में करने का प्रयास किया। पथराव के बाद पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांत रहने की अपील की। मौके पर भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ तेंदुए की तलाश और इलाके की निगरानी को लेकर भी कार्रवाई शुरू की गई। फिलहाल गांव में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। खासकर खेतों और आसपास के इलाकों में जाने को लेकर ग्रामीण डरे हुए हैं। महिला की मौत के बाद ग्रामीण वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग कर रहे हैं।
तेंदुए के डर से ग्रामीणों में दहशत
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए के कारण गांव के लोगों में पहले से डर बना हुआ था। खेतों में काम करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है। सुबह और शाम के समय खेतों की तरफ जाने में लोग अब घबराने लगे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग इलाके में लगातार निगरानी करे और तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएं।
लोगों का कहना है कि सिर्फ टीम भेजने से काम नहीं चलेगा, जब तक तेंदुए को पकड़ा नहीं जाता तब तक गांव के आसपास खतरा बना रहेगा। महिला की मौत के बाद अब सबसे बड़ी चिंता यही है कि कहीं तेंदुआ दोबारा किसी इंसान को अपना निशाना न बना ले। वन विभाग की टीम इलाके में तेंदुए की मौजूदगी और उसके संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी है।
एक मौत ने बढ़ाई चिंता
बलिया गांव की इस घटना ने एक बार फिर इंसानों और जंगली जानवरों के बीच बढ़ते टकराव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खेतों और जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए ऐसे हमले बड़ा खतरा बन रहे हैं। फिलहाल ग्रामीणों की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है। गांव में लोग चाहते हैं कि तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ा जाए, ताकि दोबारा किसी परिवार को ऐसी घटना का सामना न करना पड़े।


