रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने के बाद अब ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों में भी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग की ओर से ट्रस्ट से जुड़े मामलों की जांच के बाद जुर्माने के साथ आयकर की वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
अब आगे की कार्रवाई के लिए दिल्ली भेजे जाने की बात सामने आई है। जांच में करीब 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय के निवेश का मामला सामने आने का दावा किया जा रहा है। यदि जांच में यह रकम और इससे जुड़े लेन-देन नियमों के खिलाफ पाए जाते हैं तो ट्रस्ट पर बड़ी वित्तीय कार्रवाई हो सकती है। इसी वजह से वसूली की संभावित रकम 500 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने की चर्चा है।
आजम खां से जुड़े मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट पर पिछले कुछ समय से प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई चल रही है। ट्रस्ट की गतिविधियों और उसके जरिए संचालित संस्थानों को लेकर भी कई सवाल उठते रहे हैं। इसी क्रम में ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा चुका है। अब जांच का फोकस ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों पर बताया जा रहा है।
खासतौर पर ट्रस्ट के पास आई रकम, उसके इस्तेमाल और अलग-अलग जगह किए गए निवेश की जानकारी खंगाली जा रही है। जांच में करीब 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय के निवेश की बात सामने आने का दावा किया जा रहा है। आयकर विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि यह रकम कहां से आई, किसके जरिए ट्रस्ट तक पहुंची और इसे किन संपत्तियों या दूसरी गतिविधियों में लगाया गया।
अगर जांच में यह रकम अघोषित आय के तौर पर प्रमाणित होती है तो आयकर कानून के तहत टैक्स और जुर्माना लगाया जा सकता है। इसी वजह से कुल देनदारी मूल रकम से काफी ज्यादा हो सकती है। मामले में आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण दिल्ली भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। अब संबंधित स्तर पर दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद आगे का फैसला लिया जा सकता है। इस कार्रवाई में ट्रस्ट के बैंक खातों, संपत्तियों, निवेश और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल अहम हो सकती है। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों के आधार पर ही यह तय होगा कि वास्तव में कितनी रकम पर टैक्स और जुर्माना बनता है।
मामले में सबसे ज्यादा चर्चा संभावित वसूली को लेकर है। करीब 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय की बात सामने आने के बाद टैक्स के साथ जुर्माना और अन्य देनदारियां जुड़ सकती हैं। ऐसे में कुल रकम 500 करोड़ रुपये से ऊपर जाने की संभावना जताई जा रही है। अंतिम वसूली कितनी होगी, यह संबंधित विभाग की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल सामने आई रकम को संभावित आधार के तौर पर देखा जा रहा है।
आजम खां पहले से ही कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। अब जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों में भी कार्रवाई आगे बढ़ने से उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद अगर अनियमितताएं साबित होती हैं तो आने वाले समय में और भी कदम उठाए जा सकते हैं। पूरे मामले में जांच और विभागीय कार्रवाई का इंतजार है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि करीब 450 करोड़ रुपये की बताई जा रही अघोषित आय के मामले में विभाग किस आधार पर कार्रवाई करता है और ट्रस्ट पर वास्तविक देनदारी कितनी तय होती है।

