उत्तर प्रदेश के रामपुर में सपा नेता आज़म खान द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थान पर नोटिस चस्पा किया गया है। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा चस्पा किए गए नोटिस द्वारा 40 में से 38 भूखंडों को अवैध घोषित किया गया है। रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (RDA) द्वारा 15 दिनों में बुल्डोजर कार्रवाई का नोटिस दिए जाने पर मुरादाबाद के पूर्व सांसद डॉ. एस. टी. हसन ने इस मामले को गंभीर बताया है। उनका कहना है कि यह बेहद दुखद समाचार है।
पूर्व सांसद एसटी हसन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल से छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की भावुक अपील की है। डॉ. एसटी हसन ने कहा कि “संस्थान बहुत मुश्किलों से बनते हैं, और भले ही इसके निर्माण में अतीत में कुछ गलतियाँ हुई हों, लेकिन यह शिक्षा का एक ऐसा मंदिर है जहाँ हिन्दू और मुसलमान दोनों समुदायों के बच्चे तालीम हासिल करते हैं”। डॉ एसटी हसन ने कहा कि इंसान की सक्रिय ज़िंदगी सीमित होती है, लेकिन यह संस्थान हमेशा खड़ा रहकर समाज की ख़िदमत करता रहेगा।
इसलिए इसे ढहाने के बजाय कोई बीच का रास्ता या कानूनी समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि बर्बादी से बचा जा सके। साथ ही उन्होंने आगामी कांवड़ यात्रा का स्वागत करते हुए शांति बनाए रखने और दुकानदारों की नेम प्लेट विवाद पर मुसलमानों को गर्व से अपना नाम लिखने की सलाह दी है। ताकि आपसी सौहार्द बना रहे। डॉ. एस. टी. हसन ने कहा कांवड़ यात्रा और नेम प्लेट विवाद समेत देश के वर्तमान हालातों पर खुलकर अपनी बात रखी है।
कांवड़ यात्रा को एक पवित्र धार्मिक यात्रा बताते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज दिल से इसका स्वागत करता है, लेकिन यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का हुड़दंग या शांति भंग करने वाली गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। कांवड़ यात्रा के दौरान दुकानदारों के नाम लिखने (नेम प्लेट) के विवाद पर उन्होंने कहा कि एक सच्चे मुसलमान के तौर पर उनका मानना है कि देने वाला अल्लाह (ईश्वर) है। मुस्लिम दुकानदारों को गर्व से अपना नाम लिखना चाहिए है। यदि वे हिन्दू भाइयों की भावनाओं का सम्मान करते हुए बेहतर उत्पाद देंगे, तो लोग ख़ुशी-ख़ुशी उनके यहाँ खरीदारी भी करेंगे और खाना भी खाएंगे।


