दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जिसे विकास की एक बड़ी तस्वीर के रूप में पेश किया गया था जो अब लगातार हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। एक बार फिर इस एक्सप्रेसवे पर बड़ी लापरवाही सामने आई है जिसमें शामली के एक परिवार की जान बाल-बाल बची। सड़क पर पड़े स्टील के बैरियर से गाड़ी टकराई और पलट गई जिसमे एक परिवार के तीन लोग घायल हो गए।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे एक बार फिर सुर्खियों में है और इस बार नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (NHAI) पर घोर लापरवाही का आरोप लगा है। मामला बागपत जनपद के बड़ौत-बिजरोल कट के पास का है। जहां 2 जुलाई की देर रात शामली निवासी गौरव गोयल अपनी पत्नी पूजा और पिता दिनेश के साथ दिल्ली से वापस घर लौट रहे थे। आरोप है कि तभी अचानक उनकी गाड़ी सड़क के बीचों-बीच पड़े एक भारी स्टील बैरियर से टकरा गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। पीड़ित गौरव गोयल के अनुसार रात के अंधेरे में सड़क पर पड़े इस बैरियर को देख पाना नामुमकिन था। न तो वहां कोई चेतावनी संकेत था और न ही कोई ब्लिंकर या सुरक्षा व्यवस्था। इतना ही नहीं सड़क किनारे लगी रेलिंग पर भी रिफ्लेक्टर्स गायब थे, जिससे विजिबिलिटी शून्य थी। गनीमत रही कि यूपी 112 की पीआरवी टीम समय पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
गौरव गोयल ने अब इस मामले की शिकायत NHAI और पुलिस प्रशासन से की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की है कि सड़क पर असुरक्षित तरीके से अवरोध छोड़ने वाले ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। आपको याद होगा कि अभी कुछ ही दिन पहले खेड़ा मस्तान गांव के पास एक्सप्रेसवे पर अचानक एक बड़ा गड्ढा हो गया था और सड़क धंस गई थी।
उस मामले के तूल पकड़ने के बाद NHAI ने खानापूर्ति करते हुए टीम लीडर कुलदीप राजदान और ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेंद्र पाल सिंह को सस्पेंड कर दिया था। साथ ही चैतन्या प्रोजेक्ट्स कंसल्टेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। लेकिन उस घटना के बाद भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया, जिसका परिणाम एक और भयानक हादसे के रूप में सामने आया है।
सवाल ये है कि क्या सस्पेंशन और नोटिस ही समाधान है? जब तक एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होगा और जवाबदेही तय नहीं की जाएगी तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे। अब देखने वाली बात ये है कि NHAI इस बार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और भविष्य में हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है। फिलहाल इस हादसे ने एक बार फिर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट-पंकज मलिक (शामली)/सोनू सिंह

