सीतापुर (Sitapur) में शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। लहरपुर, तंबौर, रेउसा और रामपुर मथुरा इलाके में नदियां उफान पर हैं। लाल निशान के ऊपर बह रही नदियों ने कई गांवों और मजरों को अपनी चपेट में ले लिया है।
शुकुलपुरवा की कई मजरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जबकि रतौली समेत कई गांवों में ग्रामीण परेशान हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। सीतापुर में शारदा-घाघरा नदियों का बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। लहरपुर, तंबौर, रेउसा और रामपुर मथुरा क्षेत्र में बाढ़ के साथ नदी का कटान भी तेज हो गया है।
शुकुलपुरवा के कई मजरे बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि रतौली समेत आसपास के कई गांवों में भी पानी पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बाढ़ के हालात को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. के निर्देश पर प्रशासन सक्रिय है। आश्रय स्थलों और बाढ़ चौकियों पर राजस्व कर्मियों की तैनाती की गई है।
बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम लगातार किया जा रहा है। बाढ़ का पानी बढ़ने के कारण ग्रामीणों का दैनिक कार्य भी प्रभावित हुआ है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अपने मवेशियों के लिए चारा लाने के लिए भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। फिलहाल प्रशासन की टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं।
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ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है। वहीं, नदी के बढ़ते कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नदी के बढ़ते कटान को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और प्रशासन से राहत एवं सुरक्षा के इंतजाम और मजबूत करने की मांग की जा रही है।

