राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान | सुल्तानपुर में 196 मामलों का हुआ निस्तारण, अदालतों का बोझ कम करने की पहल हुई तेज
सुल्तानपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के निर्देश पर संचालित राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान के तहत सुल्तानपुर जिला न्यायालय में लंबित वादों के सौहार्दपूर्ण निस्तारण की प्रक्रिया तेजी से जारी है। अभियान के अंतर्गत चिन्हित किए गए 1,700 मामलों में से अब तक 196 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सुल्तानपुर की सचिव एवं अपर
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) मुक्ता त्यागी ने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में 73 तथा द्वितीय चरण में 123 मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मुकदमों का बोझ कम करने के साथ-साथ पक्षकारों को शीघ्र, सुलभ और सौहार्दपूर्ण न्याय उपलब्ध कराना है।उन्होंने बताया कि इस अभियान में ऐसे मामलों को भी शामिल किया गया है जो उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में लंबित हैं। ऐसे कई मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर उनकी सूचना उच्चतम न्यायालय को भी प्रेषित की जा चुकी है।
मुक्ता त्यागी ने कहा कि मध्यस्थता की प्रक्रिया में वादी और प्रतिवादी बिना हार-जीत की भावना के आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर लेते हैं, जिससे समय, धन और अनावश्यक मानसिक तनाव की बचत होती है। उन्होंने बताया कि अब तक निस्तारित मामलों में वैवाहिक विवादों की संख्या सर्वाधिक रही है।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अधिक से अधिक पात्र पक्षकारों से राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान का लाभ उठाकर अपने विवादों का आपसी सहमति से समाधान कराने की अपील की है।

