आदि कैलाश जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल के बाद अब आदि कैलाश यात्रा को प्रतिकूल मौसम और आकस्मिक परिस्थितियों को छोड़कर वर्षभर संचालित करने की तैयारी शुरू हो गई है। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने यात्रा को लेकर सभी संबंधित विभागों को व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन ने आदि कैलाश यात्रा को 12 माह संचालित करने की दिशा में तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने अधिकारियों को सड़क, बिजली, पानी, संचार, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पार्किंग, स्वच्छता, आवास, भोजन और आपदा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का लक्ष्य है कि आदि कैलाश यात्रा और कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन व्यवस्थित तरीके से हो और एक यात्रा का असर दूसरी यात्रा पर न पड़े।
वर्षभर यात्रा संचालित होने से सीमांत क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ होटल, होमस्टे, परिवहन, स्थानीय व्यापार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश दौरे के बाद क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2023 में जहां 17,408 पर्यटक पहुंचे थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 1 लाख 25 हजार 277 हो गई। चालू वर्ष में अब तक 76,930 से अधिक पर्यटक आदि कैलाश क्षेत्र पहुंच चुके हैं और वर्ष के अंत तक यह आंकड़ा डेढ़ लाख के पार पहुंचने का अनुमान है।
पर्यटन बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर होमस्टे की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है। क्षेत्र में 550 से अधिक होमस्टे तैयार हो चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार का बेहतर माध्यम मिला है।
प्रशासन का मानना है कि वर्षभर आदि कैलाश यात्रा के संचालन से पिथौरागढ़ को धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान मिलेगी और सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
रिपोर्ट- नीरज सिंह/ सोनू सिंह

