अयोध्या: ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के खिलाफ पराक्रम दिखाने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO बन गए हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ बनने के बाद जितेंद्र मिश्रा इस पर भावुक नजर आए और इसके लिए राम मंदिर ट्रस्ट और भगवान श्रीराम का आभार जताया है।

सबसे पहले मां को दी सूचना

टीवी पर सीईओ चुने जाने की खबर सुनने के बाद उन्होंने कहा कि वो इस मौके पर खुद को सबसे सौभाग्यशाली व्यक्ति महसूस कर रहे हैं. चयन समिति का आभार जताते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने सबसे पहले इसकी सूचना अपनी मां और परिवार को दिया।

वहीं राम मंदिर में नई व्यवस्थाओं को लेकर जितेंद्र मिश्र ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट से बातचीत करने के बाद वो तय करेंगे कि उनकी प्राथमिकताएं क्या-क्या होंगी। उन्होंने कहा कि वो कोई भी काम ट्रस्ट के विश्वास और अपनी टीम के साथ मिलकर ही करेंगे।

प्रभु की इच्छा से करेंगे काम: जितेंद्र मिश्रा

वहीं राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि हमें आगे की तरफ देखना चाहिए, बीती बातों को पीछे छोड़ देना चाहिए। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ चुने जाने को लेकर कहा कि यह सब प्रभु राम की इच्छा से ही संभव हो पाया है।

आने आने वाली चुनौतियों को लेकर जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि वो प्रभु राम से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें शक्ति मिले जिससे वो अपने दायित्वों को अच्छे से निभा सके। उन्होंने कहा जैसा प्रभु राम का आदेश होगा वो वैसा ही काम करेंगे।

कैसे हुआ चयन

राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए देश भर से 5500 आवेदन आए थे जिसमें चयन समिति ने तीन नामों पर अंतिम मुहर लगाई थी। अंतिम चयन के लिए राम मंदिर ट्रस्ट को उम्मीदवारों की सूची सौप दी थी.

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चयन समिति में अध्यक्ष के रूप में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, डॉ. सुरेश हावड़े और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल थे. बताया जा रहा है कि बैठक में CEO की भूमिका, जिम्मेदारियां, अधिकार क्षेत्र और वेतन से लेकर नियुक्ति की अवधि तक पर फैसला लिया गया है.

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