नेपाल के भोटेकोशी में गुरुवार की सुबह आए फ्लैश फ्लड (बादल फटने से अचानक आई बाढ़) ने भारी तबाही मचाई है. नेपाल के स्थानीय प्रशासन और सरकार ने अब तक इस प्राकृतिक आपदा में 175 लोगों की मौत की पुष्टि की है जबकि 1500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. सेना लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है और मलबे से कई लाशें भी बरामद हुई हैं. नेपाल में अब तक चितवन से 64 धादिंग से 27, नवलपरासी पूर्व से 26, गोरखा से 20, नुवाकोट से 12, तनहु से 9, रसुवा से 3, नवलपरासी पश्चिम से 2 शव बरामद किए गए हैं.
800 विदेशी नागरिक भी लापता
इस विनाशकारी फ्लैश फ्लड की वजह से नेपाल के इन्फ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस आपदा की वजह से अब तक 35 पुल, 45 सस्पेंशन ब्रिज और दर्जनों सड़के तबाह हो चुकी हैं.
नेपाल और चीन के बीच तिब्बत के सीमाई क्षेत्र में आए फ्लैफ फ्लड के बाद करीब 1500 से ज्यादा लोग लापता है जिसमें विदेशी नागरिकों की ही संख्या करीब 800 है. जिस-जिस इलाके में फ्लैश फ्लड आया हुआ अब सिर्फ बर्बादी के निशान बचे हैं. मकान-दुकान मलबे में बदल चुके हैं और लोग अपनों की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं.
यूपी-बिहार में हाई अलर्ट
वहीं दूसरी तरफ नेपाल में आए इस फ्लैश फ्लड से भारत भी अछूता नहीं है और यूपी-बिहार के सीमाई क्षेत्र में भीषण बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. इसके बाद केंद्र सरकार और राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट है और दोनों ही राज्यों में एनडीआरएफ की तैनाती बढ़ा दी गई है. बिहार में गंडक, नारायणी और कोसी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और निचले इलाकों में माइकिंग के जरिए लोगों से जल्द से जल्द ऊंचे स्थानों पर चले जाने की अपील की जा रही है. बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए बिहार में एनडीआरएफ की 9 जबकि यूपी में 11 टीमों को तैनात किया गया है.
भारत ने बढ़ाया नेपाल की तरफ मदद का हाथ
नेपाल में आई भीषण त्रासदी के बाद भारत फर्स्ट रिस्पांडर देश बना और पड़ोसी की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है. पीएम मोदी की मदद के ऐलान के बाद पहले ही दिन भारतीय वायुसेना के विमान ने 10 टन जरूरी राहत सामग्री और दवाइयां लेकर उड़ान भरी.
आज (शुक्रवार ) फिर एयरफोर्स का विमान 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंच चुका है. नेपाल की बालेन सरकार ने इस मदद के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया.
