रामपुर: पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर दौरे के दौरान विपक्षी दलों, खासकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन दलों का साथ केवल सत्ता तक सीमित है और सत्ता खत्म होते ही उनका प्रेम भी समाप्त हो जाता है।
रामपुर पहुंचे मुख्तार अब्बास नकवी, विपक्ष पर साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुख़्तार अब्बास नकवी एक दिवसीय दौरे पर रामपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्षी दलों की राजनीति पर जमकर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जनादेश का सम्मान करने के बजाय लगातार उसका अपमान कर रहे हैं, जिसका परिणाम उन्हें राजनीतिक रूप से भुगतना पड़ रहा है।
‘जब तक पावर, तब तक प्रेम, पावर खत्म तो प्रेम हजम’
टीएमसी में कथित अंदरूनी कलह और कांग्रेस के साथ उसके संबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में नकवी ने फिल्मी अंदाज में कहा, “दोस्त दोस्त ना रहा, प्यार प्यार ना रहा, सारे भेद खुल गए, राजदार ना रहा।”
उन्होंने कहा कि जो पार्टियां आज “फैमिली फोटो फ्रेम में फिक्स” दिखाई देती हैं, उनका एक ही सिद्धांत है— “जब तक पावर, तब तक प्रेम, पावर खत्म तो प्रेम हजम।” नकवी ने कहा कि विपक्षी दलों को आत्ममंथन करने की जरूरत है क्योंकि वे जनता के जनादेश का लगातार अपमान कर रहे हैं।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
मुख्तार अब्बास नकवी कांग्रेस की स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई “रंग-बिरंगे रंग छोड़ बहादुर” कांग्रेस की डूबती हुई नाव पर सवार होने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस आज दो मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस और कम्युनिस्ट दलों के बीच प्रतिस्पर्धा चल रही है, जबकि दूसरी तरफ पार्टी अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने की कोशिश में लगी हुई है।
‘मोदी और भाजपा से पहले आपसी लड़ाई बंद करें’
नकवी ने विपक्षी दलों को सलाह देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा से लड़ने से पहले उन्हें अपनी आपसी कलह समाप्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक विपक्षी दल आपस में ही संघर्ष करते रहेंगे, तब तक उनकी राजनीतिक स्थिति में सुधार संभव नहीं है।
उन्होंने कहा, “मोदी जी और भारतीय जनता पार्टी से बाद में लड़ना, पहले आपस में भिड़ना बंद करो। जब तक आपस में भिड़ते रहोगे, तब तक आपका यही हश्र होगा।”


