G7 Summit: पीएम मोदी आज जी-7 देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। फ्रांस के एवियन में आयोजित इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच पर वे वैश्विक नेताओं के साथ आर्थिक सहयोग, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी विकास जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करेंगे। भारत को इस बैठक में विशेष आमंत्रित देश के रूप में शामिल किया गया है, जो वैश्विक मंच पर देश की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे। इन बैठकों में वे विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार से जुड़े प्रमुखों से मुलाकात करेंगे। द्विपक्षीय वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और ऊर्जा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में आपसी संबंधों को मजबूत करना है।
जी-7 शिखर सम्मेलन में इस बार वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों, आपूर्ति श्रृंखला में सुधार, डिजिटल परिवर्तन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भारत इन सभी विषयों पर अपने दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेगा और विकासशील देशों की चिंताओं को भी सामने रखेगा।
प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी कई बार जी-7 सम्मेलनों में भाग ले चुके हैं और भारत की ओर से वैश्विक दक्षिण एशिया की आवाज़ को मजबूती से उठाते रहे हैं। इस बार भी उनके संबोधन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते और साझेदारी की संभावनाएं भी बन सकती हैं, जो भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने में सहायक होंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जी-7 जैसे मंच पर भारत की सक्रिय भागीदारी न केवल कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में भारत की बढ़ती भूमिका को भी स्पष्ट रूप से दर्शाती है।


