अमेरिकी सीनेटर रिक स्कॉट ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते को लेकर पाकिस्तान को घेरा है। उन्होंन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान जाने के बाद पाकिस्तान पर “पाखंड” का आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए अमेरिकी सांसद ने शरीफ द्वारा 86 वर्षीय शिया धर्मगुरु को श्रद्धांजलि देते हुए फुटेज को प्रमुखता से दिखाया। गौरतलब है कि 28 फरवरी को ईरान के साथ अमेरिकी-इजरायली सैन्य संघर्ष के पहले दिन अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी गई थी। क्लिप में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को खामेनेई को “एक महान विद्वान और नेता, जिन्हें लाखों मुसलमान याद रखेंगे” बताते हुए दिखाया गया है। अपनी स्पीच में उन्होंने कहा कि “पाकिस्तान और ईरान हर परिस्थिति में एक साथ आगे बढ़ेंगे।”
सीनेटर स्कॉट ने पाकिस्तान के साथ आतंकवादी नेटवर्क का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया। सीनेटर ने चेतावनी देते हुए कहा कि वाशिंगटन देश की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रख रहा है। उन्होंने जनता को पाकिस्तान के इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि इन सबके बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह याद रखना चाहिए कि पाकिस्तान क्या करता आया है। उन्होंने अपने पोस्ट में इस्लामाबाद की जमकर आलोचना करते हुए कहा, “हमें यह याद रखना होगा कि इस सब के बीच पाकिस्तान की असली पहचान क्या है।
हम एक ऐसे देश की बात कर रहे हैं जहां बिन लादेन एक दशक तक छिपा रहा, जहां वे ईशनिंदा कानूनों को लागू करके ईसाइयों को सताते हैं, और जहां के प्रधानमंत्री ने अभी-अभी उस नरसंहार करने वाले तानाशाह की प्रशंसा की है। दक्षिण एशियाई देश “हमास को पनाह देने वाले कतरियों से बेहतर नहीं है।” उन्होंने शासन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, “पाकिस्तान को ध्यान देना चाहिए; हम कड़ी नजर रख रहे हैं। “इस बीच, ईरान के पवित्र शहर क़ोम की सड़कों पर हजारों लोग उमड़ पड़े, जो दिवंगत सर्वोच्च नेता के व्यापक अंतिम संस्कार की रस्मों का चौथा दिन था।
खबरों के अनुसार खामेनेई का पार्थिव शरीर वर्तमान में क़ोम की जामकरन मस्जिद में रखा गया है। जो शिया इस्लाम के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों और मदरसों का केंद्र है। ईरान के सरकारी टेलीविजन द्वारा प्रसारित खबरों के अनुसार इस शहर में भारी भीड़ दिखाई दी। मस्जिद में प्रार्थना सभा का नेतृत्व 93 वर्षीय रूढ़िवादी आयतुल्ला अब्दुल्ला जावदी-अमोली ने किया। जिसके दौरान एकत्रित भीड़ ने एक साथ “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे लगाए। सरकारी मीडिया ने खामेनेई और उनके साथ मारे गए परिवार के चार सदस्यों, जिनमें कथित तौर पर 14 महीने की एक पोती भी शामिल थी।
इस दौरान तेहरान में एक विशाल जुलूस निकाला गया। माना जा रहा है कि यह जुलूस ईरान ने शक्ति प्रदर्शित करने के लिए किया है। तेहरान में उमड़ी भीड़ की तुलना 1989 में इस्लामी गणराज्य के संस्थापक, अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार से की गई। बताया जा रहा है कि सिया बहुल आबादी वाले पड़ोसी देश इराक में बुधवार को अंतिम संस्कार जुलूस निकाला जाएगा। ईरान में 30 वर्षों से अधिक समय तक सत्ता संभालने वाले खामेनेई का अंतिम संस्कार गुरुवार को उनके पूर्वोत्तर गृह नगर मशहद में किया जाएगा।

