Ghaziabad: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। राजनगर एक्सटेंशन इलाके में एक निर्माणाधीन मॉल के अंदर 7 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में जो बात सामने आई है, उसने यह साबित कर दिया है कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक बेहद सोची-समझी और खौफनाक साजिश थी। Ghaziabad
10 दिनों से बुना जा रहा था साजिश का जाल
पुलिस की तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी पिछले 10 दिनों से इस वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। वे बच्ची और उसके परिवार की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे थे। मासूम का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने एक सोची-समझी रणनीति अपनाई। उन्होंने बच्ची और उसके भाइयों से मेलजोल बढ़ाना शुरू किया ताकि बच्चे उन पर शक न करें और उनके साथ आसानी से घुल-मिल जाएं। Ghaziabad
भाई को खिलाया समोसा, फिर बहन को ले गए साथ
वारदात वाले दिन आरोपियों ने अपनी घिनौनी साजिश को अंजाम देने के लिए बच्चों के भोलेपन का फायदा उठाया। आरोपियों ने सबसे पहले बच्ची के भाई को अपनी बातों में फंसाया और उसे समोसा खिलाया। जब भाई समोसा खाने में व्यस्त हो गया और उसका ध्यान भटक गया, तब आरोपियों ने मौका पाकर 7 साल की मासूम बच्ची को फुसलाया और अपने साथ सुनसान जगह पर ले गए। बच्चे यह समझ ही नहीं पाए कि जो शख्स उन्हें खाने की चीज दे रहा है, वह असल में एक दरिंदा है। Ghaziabad
निर्माणाधीन मॉल में दरिंदगी और फिर बेरहमी से कत्ल
आरोपी मासूम बच्ची को राजनगर एक्सटेंशन स्थित एक निर्माणाधीन मॉल के अंदर ले गए। वहां सन्नाटे का फायदा उठाते हुए दोनों ने बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) जैसी हैवानियत को अंजाम दिया। जब बच्ची ने विरोध किया या मामला खुलने का डर हुआ, तो आरोपियों ने बेरहमी से उसकी हत्या कर दी और शव को वहीं छुपाकर फरार हो गए। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। Ghaziabad
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बिहार और ओडिशा के रहने वाले हैं आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। डीसीपी धवल जायसवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अब तक की जांच में दो आरोपियों—शहाबुद्दीन और विनय कुमार की सीधी संलिप्तता सामने आई है। Ghaziabad
विनय कुमार: मूल रूप से बिहार का रहने वाला है।
शहाबुद्दीन: मूल रूप से ओडिशा का निवासी है।
ये दोनों गाजियाबाद में रहकर मजदूरी या अन्य काम करते थे और पिछले कुछ समय से इस इलाके में सक्रिय थे। Ghaziabad
कोर्ट ने भेजा 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में
रविवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच स्थानीय अदालत में पेश किया। मामले की गंभीरता और पुलिस के पुख्ता सबूतों को देखते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (जुडिशियल कस्टडी) में जेल भेज दिया है। Ghaziabad
जांच में जुटे कई पहलू, सख्त सजा की तैयारी
डीसीपी धवल जायसवाल के मुताबिक, पुलिस इस मामले के हर छोटे-बड़े पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ इतने पुख्ता सबूत कोर्ट में पेश किए जाएंगे ताकि उन्हें जल्द से जल्द और सख्त से सख्त सजा (फांसी या उम्रकैद) दिलाई जा सके। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है और लोग आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं। Ghaziabad
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