केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। इस बार धमकी किसी फोन कॉल या सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नहीं, बल्कि डाक से भेजे गए एक पत्र के माध्यम से दी गई है। पत्र में चिराग पासवान को जल्द ही ‘हार्डकोर आतंकियों’ द्वारा मारे जाने की बात कही गई है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए चिराग पासवान के कार्यालय की ओर से केंद्रीय गृह सचिव को पत्र भेजकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई है। साथ ही उनकी सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाने की मांग की गई है। धमकी सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं और पत्र भेजने वाले व्यक्ति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
डाक से भेजा गया धमकी भरा पत्र
जानकारी के मुताबिक, चिराग पासवान के कार्यालय को डाक के जरिए एक पत्र मिला। इसमें केंद्रीय मंत्री को निशाना बनाते हुए गंभीर धमकी दी गई है। पत्र में दावा किया गया है कि उन्हें जल्द ही ‘हार्डकोर आतंकियों’ द्वारा मार दिया जाएगा। धमकी की भाषा और पत्र की गंभीरता को देखते हुए इसे सामान्य शिकायत या धमकी मानकर नजरअंदाज नहीं किया गया। पत्र मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई।
गृह सचिव को लिखा गया पत्र
चिराग पासवान के कार्यालय की ओर से केंद्रीय गृह सचिव को पत्र भेजकर इस मामले की जानकारी दी गई है। इसमें धमकी भरे पत्र का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। कार्यालय ने गृह मंत्रालय से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा धमकी के पीछे कौन लोग हैं, इसका पता लगाने के लिए जरूरी कार्रवाई करने की मांग की है।
पहले भी मिल चुकी है धमकी
चिराग पासवान को धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। ताजा मामले में जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पत्र कहां से भेजा गया, इसे किसने तैयार किया और इसका मकसद क्या था। पत्र की भाषा, भेजने के तरीके और उसमें लिखी गई धमकी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी सतर्कता
केंद्रीय मंत्री को सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों की ओर से चिराग पासवान के कार्यक्रमों और आवाजाही को लेकर भी अतिरिक्त सावधानी बरती जा सकती है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि धमकी देने वाला व्यक्ति अकेले काम कर रहा है या किसी संगठन अथवा आपराधिक नेटवर्क से उसका संबंध है। फिलहाल जांच एजेंसियां पत्र की विश्वसनीयता और धमकी की गंभीरता का आकलन कर रही हैं।
पत्र भेजने वाले की तलाश
धमकी भरा पत्र मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसे भेजने वाला कौन है। जांच एजेंसियां डाक से जुड़े रिकॉर्ड और पत्र के अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। अधिकारियों के सामने यह भी चुनौती है कि धमकी वास्तविक है या किसी ने जानबूझकर डर पैदा करने के लिए ऐसा पत्र भेजा है। जांच पूरी होने के बाद ही इस बारे में स्थिति साफ हो सकेगी।
राजनीतिक गतिविधियों के बीच बढ़ी चिंता
चिराग पासवान केंद्र सरकार में मंत्री होने के साथ-साथ लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में उनकी सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियां लगातार बनी रहती हैं। वह बिहार की राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं और अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां इस बात पर भी नजर रखती हैं कि उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान किसी तरह का सुरक्षा जोखिम पैदा न हो।
ताजा धमकी के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की संभावना है। इस मामले में जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां धमकी भरे पत्र के स्रोत और इसके पीछे मौजूद व्यक्ति या समूह का पता लगाने में जुटी हैं। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकी कितनी गंभीर और वास्तविक थी।


