उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बारिश के बाद एक्सप्रेसवे पर करीब पांच फीट गहरा गड्ढा हो गया है।
सोनिक के पास टोल प्लाजा की ईटीसी लेन भी बारिश के पानी में पूरी तरह डूबी नजर आई। टोल परिसर तालाब में तब्दील होने के बाद पंपिंग सेट लगाकर पानी निकालना पड़ा।
तस्वीरें उन्नाव के गंगा एक्सप्रेसवे की हैं, जहां बारिश के बाद हालात ने एक्सप्रेस वे की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। एक्सप्रेसवे पर करीब पांच फीट गहरा गड्ढा होने की बात सामने आई है। इससे वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
सोनिक के पास टोल प्लाजा की ईटीसी लेन में भारी जलभराव हो गया। पानी इतना ज्यादा था कि पूरी लेन तालाब में तब्दील नजर आई। जलभराव के बाद किलोमीटर संख्या 421 के पास पंपिंग सेट लगाकर पानी निकालने का काम कराया जा रहा है।
बारिश के बाद एक्सप्रेसवे पर जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर पहले भी बारिश के दौरान जलभराव और सड़क से जुड़ी समस्याएं सामने आती रही हैं। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता और ड्रेनेज सिस्टम की जांच की मांग उठ रही है।
अब सवाल ये है कि भारी भरकम लागत से तैयार किए गए गंगा एक्सप्रेस वे पर बारिश के बाद ऐसे हालात क्यों बन रहे हैं? क्या निर्माण के दौरान जल निकासी व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, फिलहाल गड्ढे और जलभराव की तस्वीरें एक्सप्रेस वे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।


